फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरूकुल परम्परा का निर्वहन कर रहा सेवाकुंज आश्रम

विज्ञापन
विज्ञापन
बभनी (सोनभद्र)। अखिल भारतीय बनवासी कल्याण आश्रम से संबद्ध सेवा समर्पण संस्थान सेवाकुंज आश्रम कारीडाड़ चपकी गुरुकुल परंपरा का निर्वहन करते हुए बनवासी बच्चों को विद्यारंभ संस्कार से लेकर धनुर्धर विद्या का शिक्षा दे रहा है। परिणाम यह है कि सेवाकुंज आश्रम के दो छात्रों ने तीरंदाजी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं।
विज्ञापन

सेवाकुंज आश्रम कारीडांड चपकी ऋषि मुनियों के तथा गुरुकुल परंपरा का निर्वहन करता चला आ रहा है। विद्यारंभ संस्कार के बाद शिक्षा का कार्य प्रारंभ होता है। यहां के छात्र विजय कुमार व वीरलाल तीरंदाजी प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त कर चुके हैं।
इतना ही नहीं युवा खेल महोत्सव लखनऊ में तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक के हाथों से गोल्ड मेडल का पुरस्कार हासिल किया। इसके अलावा 10 बच्चों कमलेश कुमार, अनिल कुमार, अर्जुन कुमार, पंकज कुमार, शांतेश्वर, अवध नारायण, रामलाल, सीमा कुमारी, कुमारी दृष्टि और अरविंद कुमार राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल प्राप्त कर चुके हैं।
विज्ञापन

सेवाकुंज आश्रम के केंद्र प्रमुख कृष्णगोपाल ने बताया कि चोपन विकास खंड के गईयाबथान गांव निवासी विजय कुमार चाईना के ताइपे में तथा दक्षिण कोरिया में भी गोल्ड मेडल हासिल कर चुका है। छात्रावास में रहकर शिक्षा ग्रहण करने वाले सभी बनवासी बच्चों को तिरंदाज का प्रशिक्षण दिया जाता है। सेवाकुंज आश्रम में साढ़े तीन लाख तक के धनुष हैं जिससे बच्चे निशाना साधते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें