सोनभद्र। कोरोना संक्रमित मरीजों को एंबुलेंस के साथ लेने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को खाली हाथ लौटाए जाने की सूचना मिलने पर जिला धिकारी एस राजलिंगम ने एसडीएम दुद्धी को सभी को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एनटीपीसी रिहंद भेज दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर मौके पर पहुंचे एसडीएम ने कोरोना संक्रमित मिले मरीजों में से छह को परियोजना परिसर स्थित अस्पताल में भर्ती करा दिया लेकिन एक संक्रमित मौका देख भाग निकला। जिसे बाद में एसडीएम ने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम मरीज के घर भेजा और बाद में उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया। एसडीएम ने नायब तहसीलदार को स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस के साथ पहुंची टीम को खाली हाथ लौटाए सहित अन्य मामलों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
दरअसल, जिला अस्पताल परिसर स्थित कोविड केयर सेंटर लेबल -1 व लेबल-2 का जायजा लेने के बाद जिलाधिकारी ने मरीजों को यहां दी जा रही सुविधाओं की जानकारी के लिए अधिकारियों के साथ बैठक करके समीक्षा की। इसी दौरान डीएम को कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आने पर मरीजों को एंबुलेंस के साथ लेने के लिए एनटीपीसी रिहंद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को बैरंग लौटा दिए जाने की जानकारी मिली। इस पर डीएम ने एसडीएम दुद्धी को इस स्वास्थ्य विभाग की टीम को बैरंग लौटाए जाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई का निर्देश दे दिया। उधर, डीएम का निर्देश मिलते ही एसडीएम रमेश कुमार नायब तहसीलदार सूर्यबली मौर्य व अन्य लोगों को साथ लेकर एनटीपीसी रिहंद पहुंच गए। यहां उन्होंने कोरोना संक्रमित छह मरीजों को वहीं अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि एक मरीज मौके का लाभ उठाकर वहां से भाग गया था। बाद में उन्होंने नायब तहसीलदार को उसके घर भेजा। नायब तहसीलदार ने बाद में उस मरीज को भी अस्पताल में भर्ती कराया। एसडीएम ने बताया कि जिलाधिकारी को दी गई सूचना सहित पूरे मामले की नायब तहसीलदार को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम का कहना था कि उन्हें यह सूचना मिल गई थी कि एंबुलेंस के साथ मरीजों को लेने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को लौटा दिया गया है। इस पर एसडीएम को टीम को लौटानेे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। बाद में एसडीएम जब वहां पहुंचे तो उन्हें एनटीपीसी रिहंद के लोगों ने मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने में सहयोग किया।