सोनभद्र। जिले में 14 फरवरी से नर्सरी से कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं भी शुरू होंगी। स्कूल खुलने के साथ ही ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो जाएगी। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से इसे लेकर आदेश जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही जिले के स्कूलों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। स्कूलों की साफ-सफाई, सैनिटाजिंग के अलावा अभिभावकों को संदेश भेजकर स्कूल खुलने की सूचना भेजी जा रही है।
कोरोना के खतरे के मद्देनजर एक माह से स्कूल बंद चल रहे थे। ऑनलाइन पढ़ाई भले चल रही थी, लेकिन इसका लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा था। अब नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाएं भी सोमवार से ऑफलाइन संचालित होंगे। इससे पहले शासन ने नवीं से 12वीं तक की कक्षाओं के बच्चों के लिए स्कूल खोलने के आदेश दिए थे। अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से इसको लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं। नए आदेश के तहत कोविड प्रोटोकाल के साथ सभी स्कूल खोले जाएंगे। अभी तक नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाएं आनलाइन चल रहीं थीं, लेकिन, अब नए जारी आदेश के तहत सोमवार से कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए भौतिक रूप से सभी कक्षाएं शुरू की जाएंगी। कोरोना संक्रमण में हुई कमी को देखते हुए यह फैसला किया गया है।
नर्सरी से कक्षा आठ तक के स्कूलों को भी खोलने की लगातार निजी स्कूल मांग कर रहे थे, जिसके बाद इन्हें भी खोलने का आदेश जारी कर दिया गया। कक्षाओं में क्षमता के अनुसार 50 प्रतिशत छात्रों को ही बैठाया जाएगा, मास्क अनिवार्य रूप से सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों व कर्मचारियों को लगाना होगा। स्कूल के मुख्य द्वार पर हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। थर्मल स्क्रीनिंग, पल्स ऑक्सीमीटर इत्यादि की मदद से कोरोना के लक्षण वाले लोगों को चिन्हित किया जाएगा। स्कूल परिसर में सैनिटाइजेशन और साफ-सफाई की भी पुख्ता व्यवस्था की जाएगी।
बीएसए हरिवंश कुमार ने कहा कि कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए 14 फरवरी से नर्सरी से कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं शुरू होंगी। इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी तक विभागीय आदेश नहीं आया है। -, ।
इस गाइडलाइन के तहत खुलेंगे स्कूल
सोनभद्र। सरकार की ओर से स्कूलों को खोलने के लिए गाइड लाइन जारी की गई है। गाइड लाइन के अनुसार स्कूल परिसर में सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है। यदि किसी को भी जुकाम, बुखार आदि के लक्षण दिखते हैं तो उसे चिकित्सीय सलाह के साथ उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कोई भी आयोजन तब ही किया जाए जब उसमें फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा सकता हो। सांस्कृतिक गतिविधियों में कोविड प्रोटोकाल लागू होगा। स्कूलों को प्रतिदिन सेनेटाइज करना होगा। प्रवेश करते समय शिक्षकों, कर्मचारियों व छात्र-छात्राओं की थर्मल स्कैनिंग और हाथों को सेनेटाइज कराने की व्यवस्था गेट पर होगी।