सोनभद्र में सरकारी धन का बंदरबांट करने का मामला थम नहीं रहा है। अब सदर ब्लॉक के ग्राम पंचायत कबरी में नहर की सिल्ट सफाई और खोदाई के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। बीडीओ उमेश सिंह की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। बिना काम कराए 39 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। उन्होंने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
सदर ब्लॉक के बीडीओ उमेश सिंह ने 30 मार्च को ग्राम पंचायत कबरी में चल रहे निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की मौजूदगी में किया था। निरीक्षण के दौरान मानउर माइनर से कबरी तालाब तक कच्ची नाली की सिल्ट सफाई/खोदाई के कार्य पर मनरेगा योजनांतर्गत 33 श्रमिकों की डिमांड की गई थी। डिमांड के सापेक्ष कोई भी श्रमिक मौके पर नहीं पाया गया। कार्य पर नागरिक सूचना पट्ट (सीआईपी) नहीं लगाया गया था, जिससे कार्य प्रारंभ की तिथि, प्राक्कलित लागत का अनुमान नहीं लगाया जा सका। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अभी तक किसी भी प्रकार का कार्य नहीं कराया गया है जबकि कई कार्य का भुगतान करा लिया गया है। 39,780 के भुगतान के लिए मस्टररोल भी उपलब्ध कराया गया है। शासन के निर्देश के बावजूद मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम से उपस्थिति नहीं ली जा रही थी। आरोप है कि ग्राम प्रधान, सचिव एवं तकनीकी सहायक की मिलीभगत से सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। बीडीओ ने बताया कि गड़बड़ी के मामले की जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। कार्रवाई उन्हीं के स्तर पर की जाएगी।