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Sonebhadra News: सत्य सनातन ट्रस्ट से नौ महीने में आठ राज्यों से 11 कराेड़ का साइबर ठगी, कर्नाटक में की सबसे ज्यादा

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सोनभद्र। सोनभद्र के पते पर सत्य सनातन ट्रस्ट बनाकर आठ राज्यों में ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। महज नौ महीने के भीतर (फरवरी से अक्तूबर) आठ राज्यों से 11 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की गई। 2.37 करोड़ सत्य सनातन के खाते में, शेष रकम दूसरे खातों में भिजवाई गई। इस दरम्यान साइबर पोर्टल पर जो 35 मामले दर्ज हुए उसमें सबसे ज्यादा प्रकरण कर्नाटक के 11 पाए गए। यह खेल एमपी की एक संस्था का साझीदार बनाकर किया जा रहा था। सोनभद्र के पते पर खोली गई संस्था के जरिये की जा रही ठगी का पता न चलने पाए इसके लिए रीवा में एक कमरे से ठगी का कारोबार शुरू किया गया और वहीं से बैठकर ओटीपी के जरिये साइबर ठगी का धंधा चलाया जाता रहा।
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बताते हैं कि पुलिस गिरफ्त में आए तीनों आरोपियों ने ठगी का यह खेल दो साल पहले शुरू किया था। पटना के किसी फाउंडेशन से जुड़कर ठगी का गुर सीखा। लगभग छह माह तक उस फाउंडेशन से जुड़े रहे। इसके बाद वाराणसी के पते पर दर्ज धार्मिक नाम वाली एक संस्था से जुड़ा। उनके सहयोगी बनकर ठगी शुरू की। कम समय में ही मोटी कमाई को देखते हुए इस साल की शुरुआत में सत्य सनातन के नाम से खुद की संस्था डाली। कई को ट्रस्ट का पदाधिकारी तो कई को धंधे का राजदार बनाया। कहीं शिक्षा, कहीं स्वास्थ्य तो कहीं गोरक्षा संवर्धन का कार्य बताकर लोगों को झांसे में लिया गया। लोग आसानी से जाल में फंस जाएं इसके लिए गैंग में कई महिलाएं भी शामिल की गईं। चुर्क के पते पर धार्मिक नाम वाली एक संस्था खोली गई। कुछ दिन बाद ही सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से ही ठगी का कारोबार चलाने का निर्णय लिया। इसके लिए आरोपियों ने मध्यप्रदेश की एक संस्था से संपर्क साधा। उनके साथ मिलकर रीवा में होटल का एक कमरा बुक कर उसे समय-समय पर कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया। फरवरी से अब तक 11 करोड़ की ठगी की गई और उसमें से 2.37 करोड़ रेणुकूट स्थित सत्य सनातन के खाते में ट्रांसफर करा लिए गए। जब खाते में अचानक से बड़ी मात्रा में धनराशि का प्रवाह शुरू हुआ तब नेशनल क्राइम पोर्टल की नजर पड़ी।
ठगी के इस खेल में शामिल मिल सकती है कई दूसरी संस्थाएं :
प्राथमिक चरण में पुलिस को सत्य सनातन ट्रस्ट और उससे जुड़ी एमपी के संस्था के बारे में जानकारी मिली है। कहा जा रहा है कि ठगी का यह खेल सिर्फ एक-दो संस्थाओं के जरिये नहीं कई संस्थाओं के जरिये खेला जा रहा है। उन्हीं संस्थाओं और उनसे जुड़े लोगों के खातों का म्यूल खाते के रूप में इस्तेमाल करते हुए पूरे देश में साइबर ठगी का धंधा जारी है। एसपी अभिषेक वर्मा की तरफ से पूरे रैकेट के खुलासे के लिए टीम गठित कर दी गई। महज सत्य सनातन ट्रस्ट से ही जुड़े कई और नाम सामने आए हैं। इसमें कुछ महिलाओं को भी शामिल बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में कई और गिरफ्तारियां व खुलासे सामने आ सकते हैं।
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वर्जन:
जांच में धार्मिक नाम पर ट्रस्ट बनाकर यूपी, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, एमपी, यूपी, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के लोगों से ठगी किए जाने की जानकारी मिली है। अभी ऐसे 35 मामले सामने आए हैं। की गई साइबर ठगी में 2.37 करोड़ सत्य सनातन ट्रस्ट के खाते में, शेष रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कराई गई है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के अलावा कई और नाम सामने आए हैं जिनकी धर-पकड़ के लिए टीमें लगी हुई हैं। ठगी के इस खेल में कई दूसरी संस्थाओं के भी शामिल होने की बात पता चली है। उनके बारे में भी जरूरी मालूमात हासिल किए जा रहे हैं। - अभिषेक वर्मा, एसपी।
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