सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने बुधवार को नगवां ब्लाक में कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की कम उपस्थिति और शिक्षकों के बिना सूचना नदारद रहने पर सीडीओ ने उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। दो गांवों के सेक्रेट्री, एएनएम और ग्राम पंचायत सचिव का भी वेतन रोक दिया।
कंपोजिट विद्यालय पटवध में निरीक्षण के दौरान प्राथमिक वर्ग में 76 के सापेक्ष 26 और उच्च प्राथमिक वर्ग में 55 के सापेक्ष 36 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चों की कम उपस्थिति पर बीईओ अमित दुबे से पूछताछ की लेकिन वह समुचित जवाब नहीं दे सके और न ही सहायक अध्यापक ही छात्रों की संख्या बढ़ाने में कोई रुचि दिखाई गई। सीडीओ ने सहायक अध्यापक रामचंद्र, खुशबू और शिक्षामित्र उमेश का वेतन रोकते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। बीईओ से भी तीन दिनों में स्पष्टीकरण लेने को कहा। प्राथमिक विद्यालय चौखड़ा में शिक्षामित्र अनुपस्थित मिले। नो वर्क नो पे के आधार पर मानदेय अवरुद्ध करने का निर्देश दिया।
इसी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर एएनएम विभा राय अनुपस्थित थीं जबकि वीएचएनडी के दिन उनकी उपस्थिति जरूरी थी। उनका वेतन रोकने और नगवां के प्रभारी चिकित्साधिकारी से इस बाबत स्पष्टीकरण लेने के लिए सीएमओ को कहा। आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकर्ता के कामकाज से गदगद सीडीओ ने प्रशस्ति पत्र देने के लिए कहा। मनरेगा के तहत कंपोजिट विद्यालय पटवध की छत पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए तीन गड्ढे खोदे गए थे लेकिन काम बंद मिला। गांव में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास की छत से रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए 10 गड्ढे खोदे मिले। सेक्रेट्री सुजीत कुमार के क्षेत्र से अनुपस्थित रहने और निर्देशों के बावजूद कार्य पूर्ण न करने की शिकायत पर सीडीओ ने वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए। दो दिन में काम पूरा न होने विभागीय कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। चौखड़ा गांव में पक्की नाली का निर्माण कराया गया है लेकिन सीआईबी बोर्ड पर काम पूरा होने की तिथि व अन्य जानकारी अंकित नहीं थी। ग्राम पंचायत सचिव संजय सिंह नदारद मिले। उनका वेतन अग्रिम आदेश तक अवरुद्ध करने के लिए डीडीओ को निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पीडी आरएस मौर्य, मनरेगा उपायुक्त शेषनाथ चौहान, डीसी एनआरएलएम एके जौहरी, बीएसए हरिवंश कुमार आदि रहे।
सीएचसी का किया निरीक्षण
सीडीओ ने नगवां सीएचसी का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रवींद्र कुमार बिंद अनुपस्थित रहे। कर्मचारियों ने बताया कि वह मीटिंग में शामिल होने गए हैं। उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण में अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने लेबर रुम, औषधि स्टोर को देखा। जननी सुरक्षा योजना, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण सहित अन्य कार्यक्रमों की प्रगति भी जानी।