सोनभद्र। गांवों में विकास कार्य कराने को लेकर सरकार गंभीर हो गई है। शासन स्तर से सदर ब्लाक के विभिन्न ग्राम पंचायतों में सड़क, गली-नाली के निर्माण व मरम्मत के लिए शासन ने डेढ़ करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। हालांकि यह धनराशि नाकाफी है। प्राप्त धन से गांवों में कार्य कराने के लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को 30 नवंबर तक सभी शहर और गांवों की सड़कों को गड्ढामुक्त करने और पूर्व में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल, नाली आदि का निर्माण कार्य कराने का निर्देश दिया है। सरकार की तरफ से धनराशि भी मुहैया कराई जाने लगी है। डीएम टीके शिबू द्वारा संबंधितों को निर्धारित समयसीमा के भीतर मानक के अनुसार विकास कार्य कराने का फरमान जारी किया गया है। इसके बावजूद कुछ अधिकारी संजीदा नहीं है। यह हाल तब है जब शासन स्तर से आबादी के हिसाब से ग्राम पंचायतों को भी धन मुहैया कराया जा रहा है। सदर विकास खंड क्षेत्र के 113 ग्राम पंचायतों में करीब डेढ़ करोड़ की लागात से नाली, इंटर लॉकिंग आदि विकास कार्य कराया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों की ओर से प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध करा दिया गया है।
सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत ने कहा कि करीब डेढ़ करोड़ की लागत से विकास कार्य कराने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। कहा कि शासन स्तर से विकास कार्य कराने के लिए और धन की डिमांग की जा रही है, ताकि सभी गांवों में जरूरत के अनुसार नाली आदि का निर्माण कार्य कराया जा सकें।
सोनभद्र। सरकार के लाख निर्देश देने के बाद भी कुछ जिम्मेदार क्षतिग्रस्त सड़कों, नाली, पुलियां आदि का मरम्मत कराने में रूचि नहीं ले रहे हैं। उदाहरण के रूप में सदर विकास खंड के ममुआ, ममुआ, पुसौली, उरमौरा, बिठगांव समेत अन्य गांवों की टूटी सड़कें है। जब जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों की सड़कों की हालत यह है तो दुरूह-नक्सल क्षेत्रों के गांवों के सड़कों के हाल क्या होंगे उसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।