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पिछले साल से अभी 12 फीट नीचे है रिहंद का जलस्तर

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जून के बाद जुलाई में भी औसत से कम वर्षा का असर रिहंद बांध के जलस्तर पर दिख रहा है। मप्र, छत्तीसगढ़ के कैचमेंट एरिया में अपेक्षाकृत कम बारिश होने के कारण रिहंद के जलस्तर में मामूली वृद्धि हुई है। पिछले साल की अपेक्षा रिहंद का जलस्तर 12 फीट नीचे है। इससे जलाशय पर आश्रित परियोजनाओं की चिंता बढ़ने लगी है।
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राज्य विद्युत उत्पादन निगम, एनटीपीसी, रेणुसागर, लैंको सहित अन्य तापीय परियोजनाओं से करीब 22 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन में रिहंद जलाशय के पानी का उपयोग होता है। बेतहाशा गर्मी के दौरान रिहंद का जलस्तर 838 फीट तक पहुंच गया था। उम्मीद दी थी कि मानसून के दौरान अच्छी बारिश होने से जलस्तर में इजाफा होगा। मानसून के आने के करीब डेढ़ माह बाद भी रिहंद के जलस्तर में खास वृद्धि नहीं हुई है। गत वर्ष तीन अगस्त को रिहंद का जलस्तर 854.20 फीट था। वहीं इस बार 842.30 फीट दर्ज किया गया है। लखनऊ बोर्ड के निर्देश पर पिछले तीन-चार दिनों से पीक आवर्स में सभी टरबाइनों से पांच से छह घंटे बिजली उत्पादन प्रारंभ किया गया है। मानसून ने संबंधित विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
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