दुद्धी नगर के वार्ड नंबर छह में बुधवार की रात रिटायर्ड स्वास्थ्यकर्मी के पुत्र की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हत्या से पहले उसके साथ मारपीट भी हुई थी। चेहरे और नाक पर चोट के निशान हैं। आशंका है कि मारपीट के बाद गला घोंटकर हत्या की गई है। पत्नी का आरोप है कि पुराने विवाद में मुंह बांधकर घर में घुसे तीन लोगों ने पति की हत्या कर दी। हालांकि पुलिस कई अन्य पहलुओं पर घटना की छानबीन कर रही है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है। एसपी ने स्थानीय पुलिस के अलावा स्वॉट, सर्विलांस और एसओजी को भी हत्या का राजफाश करने के लिए लगाया है।
विंढमगंज थाना क्षेत्र के फुलवार गांव निवासी ज्वाला प्रसाद स्वास्थ्य विभाग में मलेरिया सुपरवाइजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। नगर के वार्ड नंबर छह स्थित मकान में उनका छोटा बेटा राजीव श्रीवास्तव उर्फ पवन (35) पिछले कुछ महीनों से पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। बुधवार की रात खाना खाने के बाद वह सोने चला गया। सुबह भोर में पत्नी ने पुलिस को फोन कर पति की हत्या किए जाने की सूचना दी। सीओ रामाशीष यादव, कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। राजीव के नाक से खून निकल रहा था। चेहरे पर चोट के निशान थे और गले में मफलर बंधा हुआ था जिसे देखकर गला घोंटे जाने की आशंका जताई जा रही है। सूचना पाकर एएसपी विनोद कुमार और फिर एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह भी पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिवार के लोगों से पूछताछ की। मृतक की पत्नी ममता ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि रात करीब 11 बजे तीन लोग मुंह बांधकर घर में घुसे और पुराने विवाद में मारपीट कर पति की जान ले ली। तहरीर के आधार पर पुलिस तीन अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है। कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।
रात में हुई हत्या, भोर में दी सूचना
राजीव हत्याकांड में पुलिस कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। इसमें एक अहम बिंदू घटना के करीब छह घंटे बाद पुलिस को सूचना देना भी है। पत्नी ने पूछताछ में रात करीब 11 बजे के करीब घटना की बात कही है, जबकि पुलिस को 112 नंबर सूचना भोर में करीब चार बजे दी गई। यही नहीं जिस कमरे में हत्या हुई है, वहां पत्नी और दोनों बच्चे भी मौजूद थे। पति की हत्या के इतनी देर बाद सूचना देना पुलिस के गले से नीचे नहीं उतर रहा। पुलिस सूत्रों की मानें तो हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में अहम जानकारी मिली है। मृतक के छोटे बच्चों से बातचीत में भी पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस जल्द हत्यारों तक पहुंचने का दावा कर रही है।
घटना की कई संदेह पैदा कर रही है। लिहाजा इसकी गहन छानबीन कराई जा रही है। एएसपी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस की मदद के लिए एसओजी, स्वाट, सर्विलांस की टीम को भी लगाया है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश करते हुए हत्यारों को दबोच लिया जाएगा। - अमरेंद्र प्रसाद सिंह, एसपी।
छह माह पहले मंझले बेटे की मौत, अब छोटे की हत्या
- दो जवान बेटों की मौत से सदमे में वृद्ध पिता
संवाद न्यूज एजेंसी
दुद्धी। कुछ वर्ष पूर्व स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद ज्वाला प्रसाद ने नगर के वार्ड नंबर छह में मकान बनवाया था। सोचा था कि अब तीन जवान बेटों पर परिवार की जिम्मेदारी देकर बुढ़ापा चैन से बिताएंगे, मगर होनी को कुछ और ही मंजूर था। करीब छह माह पहले ज्वादा प्रसाद ने अपने मंझले बेटे को खोया और अब छोटे बेटे की हत्या ने उन्हें बेसुध कर दिया है। बीमार हाल में चारपाई पर पड़े ज्वाला अंदर से टूट गए हैं। उनकी आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
ज्वाला प्रसाद के तीन पुत्रों में सबसे बड़ा रवींद्र, फिर रामेंद्र और तीसरे नंबर पर राजीव था। रामेंद्र दुद्धी नगर में कंप्यूटर सेंटर चलाते थे, जबकि रामेंद्र और राजीव गांव में रहते थे। गत वर्ष कोरोना काल में रामेंद्र की मौत हो गई। इसके बाद से परिवार में विवाद भी शुरू हो गया। राजीव अपने परिवार के साथ नगर स्थित मकान में रहने चला आया। उधर, ज्वाला प्रसाद मझले बेटे की मौत के बाद सदमे में चले गए। उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्होंने चारपाई पकड़ ली। अब सबसे छोटे राजीव की हत्या ने उन्हें झकझोर दिया है। अपनी आंखों के सामने दो जवान बेटों की मौत को देखकर वह अंदर से टूट गए हैं। जिन बेटों को वह अपने बुढ़ापे की लाठी समझ रहे थे, एक-एक कर उन्हीं की अर्थी को उन्हें कांधा देना पड़ रहा है। ज्वाला प्रसाद की इस पीड़ा को देख हर कोई मर्माहत है।