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एएचटीयू थानों का कार्य संतोषजनक न मिलने पर लगाई फटकार

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सोनभद्र। पुलिस उपमहानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र मिर्जापुर रामकृष्ण भारद्वाज ने रेंज के तीनों जनपदों में स्थापित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (ए.एच.टी.ईयू) के अधिकारियों- कर्मचारियों के कार्यों की शनिवार को समीक्षा की। वर्चुअल मीटिंग के दौरान डीआईजी ने पाया कि पिछले दो वर्षों में तीनों जनपदों में बाल श्रम व बाल भिक्षावृत्ति से करीब 97 बच्चें मुक्त कराए गए हैं। मिर्जापुर में 51, सोनभद्र में 17 और भदोही से-29 बालक /बालिकाओं को मुक्त कराया गया है। डीआईजी ने तीनों जिलों के एएचटीयू थाने के कार्य को संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधितों को फटकार लगाई।
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डीआईजी ने कहा कि बच्चों एवं महिलाओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न सार्वजनिक जगहों पर प्रचार प्रसार किया जाए, जिसमे चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर -1098, महिला हेल्पलाइन नंबर -1090, पुलिस हेल्पलाइन नंबर- 112 पर कोई कठिनाई/ परेशानी के समय कॉल करने के लिए बताया जाए ताकि समय से उनको मदद मिल सके । बालश्रम, भिक्षावृत्ति, बंधुआ मजदूरी, बाल विवाह ,जबरदस्ती शादी, वेश्यावृत्ति, मानव तस्करी के संबंध में एएचटीयू द्वारा जो बच्चे पकड़े जाते हैं और उनको अभिभावक को सुपुर्द करते समय अभिभावक को इस शर्त पर सुपुर्द किया जाए कि यदि बच्चा दोबारा बालश्रम या भिक्षावृत्ति करते हुए पकड़ा गया तो उसे आपको न सुपुर्द कर बालगृह सुपुर्द किया जाएगा । बच्चों को रेस्क्यू करने पर उनका मिलान मिसिंग सेल से भी किया जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह बच्चे गुमशुदा तो नहीं है क्योंकि छोटे बच्चे चोरी करने वाले व्यक्ति को ही अपना अभिभावक समझने लगते हैंद्य तीनों जिले के एएचटीयू थाने कार्य संतोषजनक नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए डीआईजी ने कहा कि दो महीने बाद पुन: आप लोगों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। कहा कि मिसिंग चिल्ड्रेन के अभियोगो को 4 माह तक बरामदगी न होने पर एएचटीयू थाने को स्थानांतरित किया जाए। सभी अधीनस्थ जनपदों के हित धारको यथा प्रोबेशन अधिकारी, चाइल्डलाइन ,श्रम विभाग आदि के साथ समन्वय स्थापित कर मानव तस्करी के विरुद्ध प्रभावी रूप से अभियान चलाकर कार्यवाही करें।
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