सोनभद्र। कोरोना त्रासदी में कई अपनों को खोने के बाद जिले में राहत भरी खबर आई है। यहां अब कोई एक्टिव केस नहीं रह गया है। लिहाजा शासन ने जिले को कोरोना मुक्त घोषित कर दिया है। हालांकि कोरोना संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दूसरी लहर में तमाम दुश्वारियां झेलने के चलते जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। लोगों को भी पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है, ताकि फिर महामारी की भयावहता जैसे हालात न बने।
बीते मार्च से शुरू हुए कोरोना संक्रमण के बाद से जिलेे में कुल 17036 लोग पॉजिटिव हुए थे। बेड, ऑक्सीजन की कमी, दवा-उपचार की दिक्कत जैसी तमाम विकट परिस्थिति के बावजूद 16779 लोग कोरोना से डटकर लड़े और जीतकर सुरक्षित अपनों के बीच लौटे। वहीं 257 लोग ऐसे भी रहे, जो जिंदगी की जंग हार गए। इसमें कई शिक्षक, कर्मचारी, व्यापारी व आम लोग शामिल रहे। कोरोना ने जनजीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया। महीनों तक दुकानें बंद रहीं। लोग घरों में कैद रहे। संयम और सतर्कता के मंत्र पर अमल करते हुए जिले ने अब कोरोना को हरा दिया है। यहां अब कोई भी एक्टिव केस नहीं रह गया। शुक्रवार को शासन ने जिले कोरोना संक्रमण से मुक्त घोषित कर दिया। वैसे कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के चलते जांच, उपचार और सतर्कता आगे भी जारी रहेगी। इसमें लोगों से भी सहयोग की अपील की जा रही है।
21 से 40 वर्ष वाले सर्वाधिक संक्रमित, मरने वालों में वृद्ध अधिक
कोरोना के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में कोरोना का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर रहा। 21 से 40 वर्ष की आयु के बीच के 8737 लोग संक्रमित हुए। हालांकि उनकी रिकवरी दर भी अच्छी रही। इस आयु वर्ग के कुल 33 लोगों की जान गई। सबसे ज्यादा मौत 41 से 60 वर्ष की आयु वर्ग की हुई। इस आयु वर्ग के 5648 लोग संक्रमित हुए, जिसमें 119 की जान चली गई। साठ वर्ष से अधिक आयु वाले 1018 संक्रमित लोगों में से करीब 10 फीसदी यानी 104 लोगों ने जान गंवाई। 11 से 20 वर्ष की आयु वाले 1340 लोग संक्रमित हुए। इस श्रेणी में किसी की जान नहीं गई। वहीं शून्य से 10 वर्ष की आयु के 293 मरीज मिले, जिसमें से एक को जान गंवानी पड़ी।