महिला के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट खलीकुज्ज्मा की अदालत ने घोरावल कोतवाल को एफआईआर दर्ज कर दो दिन के भीतर न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया। यह आदेश घोरावल कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला द्वारा अधिवक्ता ओमप्रकाश दुबे के जरिए दाखिल धारा 156(3) सीआरपीसी के प्रार्थना पत्र को सुनने के बाद दिया है।
दिए प्रार्थना पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि वह 21 सितंबर को अपने मड़हे में पशुओं की निगरानी करने के लिए सोई थी। मध्यरात्रि में रमेश उर्फ मुंशी मड़हे में घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जाते समय जाति सूचक शब्दों से गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी। थाने पर सूचना देने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जिस पर उसने एसपी को 28 सितंबर 5 अक्तूबर को रजिस्टर्ड डाक से सूचना दी। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अदालत ने अधिवक्ता के तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने पर संज्ञेय अपराध मानते हुए घोरावल कोतवाल को एफआईआर दर्ज करने एवं दो दिन के भीतर न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।