म्योरपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत के खम्हरिया सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के सामने विरोध प्रदर्शन ?
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विकासखंड म्योरपुर के खम्हरिया गांव के टोला डूमरचुआ में संचालित सस्ते गल्ले की दुकान से खाद्यान्न उठवाने पहुंचे आपूर्ति निरीक्षक रामलाल यादव और पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार को एसडीएम के आदेश पर आपूर्ति निरीक्षक खाद्यान्न का उठान कराने के लिए कोटे की दुकान पर पहुंचे थे लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते उन्हें बगैर राशन उठाए लौटना पड़ा।
बीते कई माह से डूमरचुआ में शिव आजीविका स्वयं महिला समूह के माध्यम से कोटे की दुकान का संचालन हो रहा था। यह समूह खम्हरिया गांव से करीब 25 किमी दूरी पर है। ग्रामीणों को राशन लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पूर्व में ग्रामीणों ने दुकान का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि डूमरचुआ टोले में मात्र 45 राशन कार्ड धारक हैं जबकि खम्हरिया गांव में 245 राशन कार्ड धारक हैं। लंबी दूरी होने से ग्रामीण गल्ला नहीं ले पाते। खुली बैठक में तय किया गया कि समूह की महिलाएं खम्हरिया गांव में तय चौहदी पर गल्ला वितरित करेंगी लेकिन समूह के सदस्यों ने गल्ले का उठान कर डूमरचुआ में ही रख दिया। एसडीएम ने ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए 26 अक्तूबर को खम्हरिया गांव के कार्ड धारकों को निकटवर्ती झीलों ग्राम पंचायत के कोटेदार भगवानदास के यहां संबद्ध करते हुए समूह को निर्देश दिया कि तत्काल गांव का गल्ला झीलों कोटेदार को उपलब्ध कराएं, लेकिन नहीं दिया। मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम ने खाद्य आपूर्ति निरक्षक को तत्काल खाद्यान्न उठा कर अटैच दुकान के माध्यम से ग्रामीणों को वितरण कराने का निर्देश दिया। बृहस्पतिवार को पुलिस संग खाद्य आपूर्ति निरीक्षक रामलाल राशन का उठान कराने पहुंचे तो समूह की महिलाओं के साथ ग्रामीण विरोध करने लगे। विवश होकर निरीक्षक को लौटना पड़ा। इस संबंध में खाद्य आपूर्ति निरीक्षक रामलाल यादव ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गल्ला संबद्ध दुकान पर पहुंचाने गया था लेकिन समूह की महिलाएं गल्ला उठाने नहीं दे रही। मामले की सूचना एसडीएम दुद्धी को दी जाएगी।