इसके बाद विदेश मंत्री को ट्विटर के माध्यम से अवगत कराया गया गया। पूर्व प्रधान धर्मेंद्र बताते हैं कि मंत्रालय के काउंसलर सर्विस मैनेजमेंट सिस्टम द्वारा मई के अंतिम सप्ताह में दुबई कार्यालय से संपर्क किया गया। मामले से प्रदेश के मुख्यमंत्री को अवगत कराने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी भारतीय दूतावास से सहयोग की अपील की। लगभग 31 दिनों के बाद जब भारतीय दूतावास द्वारा शव को भारत भेजने की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई तब परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।