राबर्ट्सगंज स्थित कैनाल बंगला की सड़क पर भरा पानी।
- फोटो : sonbhadra
पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गांव से लेकर नगरीय इलाकों में गड्ढायुक्त सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे पैदल चलना मुश्किल हो रहा। उधर बारिश से चतरा ब्लॉक के कूदर गांव में मंगलवार की रात दो व्यक्तियों के कच्चे मकान धराशायी हो गए। पीड़ितों ने पड़ोसियों के घरों में शरण ली है।
जिले में पिछले दो दिनों से रूक-रूक कर बारिश हो रही है। कभी हल्की बूंदाबांदी तो कभी तेज बारिश से जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। राबर्ट्सगंज से सटे पुसौली गांव में वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर फ्लाईओवर के पास सड़क पर ही पानी भर गया है। इससे पैदल चलने वालों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बढ़ौली गांव को जाने वाली सड़क कीचड़युक्त और जलमग्न हो गई है।
इस वजह से लोग इस मार्ग को छोड़ दूूसरे रास्ते से गांव में जाने के लिए विवश हैं। राबर्ट्सगंज नगर में सड़कों पर जल जमाव हो गया है। नालियां ओवरफ्लो हो गई है जिससे नई बस्ती में लोगों के घरों में पानी घुसने की स्थिति पैदा हो गई है। अंबेडकर नगर की सड़क कीचड़युक्त हो गई है। रामगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार बारिश से सीढ़न के चलते लोगों के कच्चे घरों के ढहने का सिलसिला थम नहीं रहा है।
मंगलवार की रात क्षेत्र के कूदर गांव में बारिश से दिलीप कुमार और नंदू प्रसाद का कच्चा घर ढह गया। इससे हजारों के सामान की क्षति हुई है। दोनों व्यक्तियों का परिवार पड़ोसियों के घरों में शरण लिए हुए है। बता दें कि चतरा ब्लॉक के ही धर्मदासपुर गांव में बारिश से अब तक 70 से अधिक मकान धराशायी हो चुके हैं। लगातार बारिश से कई घरों में पानी घुस गया है।
पीड़ित लोग पंचायत भवन और परिषदीय स्कूलों में शरण लिये हें। प्रशासन की ओर से उन्हें कोई मदद न मिल पाने के नाते ग्रामीणों में असंतोष की स्थित है।