चोपन थाना क्षेत्र में दहेज के लोभी रेलवे कर्मी की तरफ से गर्भवती पत्नी को छोड़ने का मामला सामने आया है। समाधान दिवस पर एडीएम के समक्ष शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ओबरा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में झारखंड के रमना थाने के कविसा मड़वनिया निवासी किरन यह शिकायत लेकर आई थीं।
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार किरन की शादी 12 जून 2022 को डाला रेलवे क्रॉसिंग निवासी और ओबरा में रेलवे विभाग के कर्मी निमेष पांडेय से हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल में उसे कम दहेज मिलने को लेकर सास, ननद, देवर व पति ताना देने लगे। पति का पासबुक और एटीएम भी सास रखती है।
आरोप है कि जब भी वह मायके से ससुराल पहुंचती है तो ससुराल पक्ष के लोग दहेज में बाइक नहीं लाने का ताना मारते हैं। गर्भवती होते हुए भी अगस्त 2023 में उसे घर से भगा दिया गया। तब से ही वह अपने मायके में रह रही है। बाद में उसे एक बेटी पैदा हुई। बताया कि पिछले माह वो रेलवे ऑफिस जा रही थी, जहां देवर और सास ने उसके साथ मारपीट की।
इसकी तहरीर थाने में दी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। समाधान दिवस में एडीएम को मामले की प्रार्थना पत्र दी। इसके बाद मामले में पुलिस ने ससुराल पक्ष के कुल पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।