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परिचय के मोहताज नहीं राहत इंदौरी

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एनटीपीसी रिहंद द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में राहत इंदौरी की यादगार फोटो । - फोटो : SONBHADRA
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अनपरा/बभनी। रिहंद साहित्य मंच की तरफ से बुधवार को मशहूर शायर राहत इंदौरी के निधन पर शोक सभा हुई। गूगल मीट पर आयोजित शोक सभा में श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए मंच के संरक्षक एवं साहित्यकार डॉ दिनेश दिनकर ने डॉ राहत इंदौरी से जुड़े अपने संस्मरण को साझा किया।
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उन्होंने कहा कि सुबह ही बोले कि दुआ कीजिए जल्दी स्वस्थ हो जाऊं...। संयुक्त सचिव नरसिंह यादव ने कहा कि राहत के निधन से आहत काव्य प्रेमी शोक सागर में डूब गए हैं। महासचिव मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि राहत किसी परिचय के मोहताज नहीं थे। उनकी शेरो शायरी और काव्य पाठ की असीम ऊर्जा तथा संदेश ही उनकी पहचान है। उनको सुनने और पढने का मतलब अपने समय के संघर्षों को सुनना और पढना है। सदस्य डी एस त्रिपाठी ने कहा कि उनको सुनने और पढने से जी नहीं भरता। अपनी रचनाओं से वे अमर रहेंगे। लक्ष्मीनारायण पन्ना ने उनकी शायरी की कुछ लाइनों को स्मरण कराया। कमलेश कमल ने कहा कि उनकी पहचान भविष्य में एक ऐसे शायर के रूप में की जाएगी, जिसने शायरी की बुनियाद में जीवन मूल्यों के मील के पत्थर डालकर मानवता की इबादत की। रूद्र देव दुबे ने उनके रिहंद आगमन के दौरान की स्मृतियों को साझा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी, मधुरिमा साहित्य गोष्ठी, असुविधा साहित्यिक पत्रिका परिवार तथा बार एसोसिएशन की तरफ से राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर में शोक सभा आयोजित की गई। जिसमें मशहूर शायर राहत इंदौरी को श्रद्घाजंलि दी गई। इस दौरान वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर, रामनाथ शिवेन्द्र, प्रदुम्न त्रिपाठी, दिलीप सिंह, अशोक तिवारी, जैराम सोनी, धर्मेश चौहान, आत्मप्रकाश तिवारी, ओमप्रकाश पाठक, विकास वर्मा, दयानंद दयालु, सुनील, प्रभात चंदेल आदि उपस्थित रहे।
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