सोनभद्र। रिहंद जलाशय पर आधारित 20 हजार मेगावाट की तापीय परियोजनाओं के बाद अब जिले में सोन नदी ग्रीन व क्लीन एनर्जी का जरिया बनेगी। सोन नदी में पंप स्टोरेज पर आधारित नौ पावर प्लांट लगाने की तैयारी है। इसमें से पांच को सरकार की सैद्धांतिक सहमति भी मिल चुकी है। करीब 80 हजार करोड़ का निवेश कर सात कंपनियां 15 हजार मेगावाट बिजली पैदा करेंगी। इससे करीब 13 हजार रोजगार भी सृजित होने का दावा है। नक्सल प्रभावित और अति पिछड़े नगवां क्षेत्र में विकास को भी पंख लगेंगे।
जिले में अभी एनटीपीसी की तीन, अनपरा व ओबरा में राज्य उत्पादन निगम की चार और कई अन्य निजी कंपनियों की कोयला आधारित परियोजनाएं स्थापित हैं। इनसे करीब 20 हजार मेगावाट बिजली पैदा होती है। फरवरी में हुए यूपी सरकार के ग्लोबल इंवेस्टर समिट में कई कंपनियाें ने जिले में पंप स्टोरेज पर आधारित पावर प्लांट लगाने की इच्छा जताई थी।
ग्रीनको ने इसकी शुरुआत की और अब यहां प्रचूर संभावनाओं को देखते हुए सात कंपनियां आगे आ चुकी हैं। इनकी ओर से नौ पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव शासन को दिया गया है। इसमें से अब तक चार कंपनियों के पांच पंप स्टोरेज पावर प्लांट के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। खास बात यह कि यह सारी परियोजनाएं राबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के नगवां ब्लॉक के उन इलाकों में प्रस्तावित हैं, जो लंबे समय से विकास की मुख्य धारा से कटे हैं। जिससे वहां नक्सल गतिविधियां सक्रिय थीं। अब औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से वहां रोजगार और विकास के नए द्वार खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इन कंपनियाें के पावर प्लांट लगाने का है प्रस्ताव :
कंपनी: पावर प्लांट की क्षमता (मेवा): निवेश राशि (करोड़): संभावित रोजगार
ग्रीनको ग्रुप: 3600: 17181: 300
जेएसडब्ल्यू: 1680: 8000: 840
टोरेंट पावर: 1750: 9600: 3500
टोरेंट पावर: 2400: 13000: 4800
अबाडा वाटर बैट्री: 1120: 6119: 500
एस्मे ग्रुप: 1000: 4987: 1200
अमुरा ग्रुप: 1110: 8800: 800
अमुरा ग्रुप: 1000: 4750: 700
श्री सिद्धार्थ: 1200: 8000: 250
(स्रोत: उद्योग विभाग)
बाधाएं दूर करने में लगे हैं निवेश मित्र
जिले में निवेश के लिए आ रहे उद्यमियों की मदद के लिए शासन ने निवेश मित्र की तैनाती भी की गई है। निवेश मित्र नितिन प्रकाश सिंह लगातार उद्यमियों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को सुलझाने में लगे हैं, जिससे ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में ज्यादा से ज्यादा प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा सके। उन्होंने बताया कि सोन नदी में पंप स्टोरेज पर आधारित नौ पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव सात कंपनियों की ओर से प्रस्तुत किया गया है। इसमें चार कंपनियों के पांच प्लांट के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अन्य की प्रक्रिया जारी है।
ऐसे काम करेगा पंप स्टोरेज प्लांट
सोन नदी पर आधारित पंप स्टोरेज प्लांट पर्यावरण के लिहाज से भी अनुकूल माना जा रहा है। इस परियोजना में नदी से पानी लेकर ऊपरी रिजरवायर में भंडारित किया जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार पानी को निचले रिजरवायर में लाकर बिजली उत्पादित की जाएगी। तापीय परियोजनाओं की तरह इसमें प्रदूषण की संभावना नहीं रहती।
जिले में निवेशकों को बेहतर माहौल देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। नई इकाइयों की स्थापना से विकास के साथ रोजगार के भी नए अवसर सृजित होंगे। यह जिले के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी। - आरपी गौतम, उपायुक्त, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र।