अनपरा। उत्पादन निगम की 2630 मेगावाट की अ और ब परियोजना की तकनीकी कारणों से बंद पांचों यूनिटों को उत्पादन रत करने में परियोजना प्रबंधन को 24 घण्टे से अधिक का समय लग गया।
निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों द्वारा किये जा रहे कार्य बहिष्कार के दौरान सोमवार को 8 बजकर 51 मिनट पर इलेक्ट्रिक जर्क के कारण 210 मेगावाट की तीन व 500 मेगावाट की दो इकाइयां एक साथ ट्रिप कर गयी थी जिसको उत्पादन रत करने में परियोजना प्रबंधन को काफी मशक्कत का सामना करनी पड़ी। 210 मेगावाट की पहली इकाई मध्य रात 12 बजकर 48 मिनट पर, दूसरी इकाई 12 बजकर 36 मिनट पर तीसरी इकाई 11 बजकर 55 मिनट पर, 500 मेगावाट की पांचवी इकाई अल सुबह 4 बजकर 11 मिंट पर जबकि चौथी इकाई मंगलवार को जैसे ही 10 बजकर 28 मिनट पर जैसे ही सिंक की गई फिर से 10 बजकर 30 मिनट पर ट्रिप कर गयी। अधिकारियों ने फिर से प्रयास करते हुए इस इकाई 12 बजकर 14 मिनट पर उत्पादन कर लिया गया। इस दौरान परियोजना की 210 मेगावाट की पहली , दूसरी व तीसरी से क्रमश: 121,140,137 मेगावाट व 500 मेगावाट की चौथी व पांचवी इकाई से क्रमश: 335 व 423 मेगावाट तथा अनपरा डी की छठवी इकाई से 417 मेगावाट का विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। कार्य बहिष्कार से कई जिलों में सब स्टेशन से बाधित बिजली के कारण प्रदेश में बिजली की मांग काफी कम हो गयी। पीक आवर में जहां डिमांड 17 से 18 हजार मेगावाट बनी रहती है वही मंगलवार की साय प्रदेश में पीक आवर में 12233 मेगावाट बिजली का लोड रहा।