प्रियंका से अपना जिक्र सुन उत्साहित किस्मत देवी ने कहा कि करीब सवा दो साल पहले हुई मुलाकात को अब तक याद होने की उम्मीद उन्हें नहीं थी। इससे साबित हुआ है कि प्रियंका दीदी आदिवासी समाज से किया वादा भूली नहीं हैं। जब वो हमारे बीच आई थीं, तब भी उन्हें देखकर नहीं लगा था कि वह किसी बड़े राजनीतिक घराने की हैं और अब अपने वादे को याद कर भी उन्होंने अपने जमीन से जुड़ने का संकेत दिया है। किस्मत देवी ने कहा कि कांग्रेस ने ही हमें मान-सम्मान दिया और हमारी भलाई का काम किया। हमें पूरा भरोसा है कि दीदी अब हमारी लड़ाई पूरी मुखरता से लड़ेंगी।