दुद्धी। एसडीएम रमेश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को नगर क्षेत्र व आसपास संचालित निजी अस्पतालों व मेडिकल स्टोर की जांच की। नियमों को दरकिनार कर संचालित हो रहे एक अस्पताल और मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया। कई अस्पताल संचालक को नोटिस भेजी गई। उधर, जांच की भनक लगते ही कई अस्पताल और मेडिकल संचालक शटर गिराकर फरार हो गए। एसडीएम ने मरीजों को निजी अस्पताल ले जाने वाले आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पिछले दिनों मिली शिकायत के बाद डीएम अभिषेक सिंह ने दुद्धी एसडीएम को स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ जांच कर नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों की जांच का निर्देश दिया था। इसके तहत शुक्रवार को अभियान चलाकर टीम ने लाइसेंस व अन्य मानकों की जांच की। एसडीएम रमेश कुमार ने बताया कि दुद्धी कस्बे के वार्ड नंबर तीन मेट्रो अस्पताल की जांच में कोई डॉक्टर नहीं मिला। अस्पताल में मौजूद कर्मचारी कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसलिए अस्पताल को सील करते हुए तीन दिन के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। धनवंतरी अस्पताल में एक डॉक्टर का पुराना प्रमाण पत्र मिला।
डॉक्टर ने नवीनीकरण के लिए आवेदन करने बात बताई। संचालक को नोटिस जारी कर अपना पक्ष एक सप्ताह के भीतर रखने को कहा गया है। किरबिल में भी एक अस्पताल की जांच में कोई दस्तावेज न दिखाने पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने बताया कि नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे चांदसी दवाखाना दुद्धी को भी सील कर दिया गया। जांच टीम में सीएचसी अधीक्षक डॉ. गुरुप्रसाद, कोतवाली के एसएसआई कृष्ण गोपाल राय आदि मौजूद रहे।