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Sonebhadra News: मॉक ड्रिल से परखी गई कोविड से निपटने की तैयारी

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लोढ़ी स्थित कोविड केयर अस्पताल में कोविड मॉक ड्रिल करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। - फोटो : SONBHADRA
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कोरोना से निपटने की तैयारियों को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता बढ़ा दी है। मंगलवार को कोविड अस्पताल सहित छह अस्पतालों में मॉक ड्रिल कर उपलब्ध संसाधनों की सक्रियता जांची गई। एंबुलेंस से मरीज के अस्पताल पहुंचने से लेकर उसे स्ट्रेचर से वार्ड तक ले जाने, बेड पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने व अन्य जरूरी प्रक्रियाओं का अभ्यास किया गया। कमियों से सबक लेकर उसे सुधारने के निर्देश दिए गए।
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लोढ़ी स्थित कोविड अस्पताल में मिर्जापुर मंडल के संयुक्त निदेशक डॉ. एके सिंह ने बताया कि यह मॉक ड्रिल कोविड के नए वेरियंट के संक्रमण के बढ़ने की आशंका के मद्देनजर हुई। इस दौरान स्वास्थ्य टीम के आपस का समन्वय देखा गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनपद में ऑक्सीजन और बेड की कोई कमी नहीं है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा की पूरी उपलब्धता है। सबसे अच्छा प्रदर्शन सोनभद्र का रहा है। हालांकि मॉक ड्रिल के दौरान कुछ सूक्ष्म कमियां नजर आईं। इन कमियों को जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. आरएस ठाकुर ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलने की अपील की। जिले में कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. प्रेमनाथ ने बताया कि चयनित सीएचसी पर नोडल अधिकारी नियुक्त हैं। मॉक ड्रिल के दौरान जनपद में कोविड मरीजों के लिए आरक्षित बेड, वार्ड और ऑक्सीजन की उपलब्धता देखी गई। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों के पीकू वार्ड तैयार हैं। वहीं पीडियाट्रिक वार्ड भी तत्काल में उपयोग मे लाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में वर्तमान में कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं हैं। नए वैरियंट को देखते हुए कोविड मरीजों के लिए कुल 200 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसमें स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों के लिए पीकू वार्ड तैयार हैं। वहीं पीडियाट्रिक वार्ड भी तत्काल में उपयोग लाए जा सकते हैं। मॉक ड्रिल के दौरान डॉक्टर प्रेम नाथ , डॉक्टर अमृत राय समेत अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे। उधर, म्योरपुर सीएचसी में मंगलवार को स्वास्थ विभाग द्वारा माक ड्रिल कर आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्थाओं की पड़ताल की गई। इस मौके पर नोडल अधिकारी बनाए गए बभनी सीएचसी के अधीक्षक डॉ. फिरोज ने ऑक्सीजन प्लांट व मरीजों के भर्ती होने के दौरान वार्डों में व्यवस्था का हाल जाना। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ राजन सिंह आदि मौजूद रहे।
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मॉक ड्रिल में जांची ऑक्सीजन प्लांट की सक्रियता
देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मंगलवार को डिबुलगंज स्थित संयुक्त चिकित्सालय में मॉक ड्रिल किया गया। अस्पताल पहुंचने वाले मरीज को भर्ती करने से लेकर ऑक्सीजन सप्लाई तक की व्यवस्था परखी गई। संयुक्त चिकित्सालय में लगे 45 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) की ऑक्सीजन मशीन और सिलेंडर की जांच की गई। इस दौरान मशीन को सही कार्य करते पाया गया। मॉक ड्रिल के नोडल रहे डॉ. बीके सिंह ने बताया कि कोरोना से जंग लड़ने के लिए तैयारी पूरी हो गई है। अस्पताल में आवश्यक दवाओं सहित मरीजों को कोरोना के पहले फेज तक सुरक्षित रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। बच्चों के लिए अस्पताल में ही पीकू वार्ड बनाया गया है। वहीं अन्य लोगों का उपचार जनरल वार्ड से ही किया जाएगा।
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