यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के साथ अब प्रायोगिक परीक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। कुल 65 केंद्रों पर प्रायोगिक परीक्षाएं होनी हैं। उन विद्यालयों को ही केंद्र बनाया गया जहां लैब व अन्य बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं।
जिले में प्रायोगिक परीक्षाओं का आयोजन दूसरे चरण में होना है। इसकी शुरुआत बृहस्पतिवार से हो चुकी है। इन परीक्षाओं को सफल बनाने और बच्चों के प्रयोगों की जांच के लिए बाहर से परीक्षकों टीम भेजी गई है। यह परीक्षक निर्धारित 65 केंद्रों पर परीक्षार्थियों की परीक्षा लेंगे। डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि जिले में सभी विद्यालयों का एक ग्रुप बनाकर परीक्षाएं आयोजित कराई जा रही है। आपसी सहमति से सभी विद्यालय अपने-अपने यहां अन्य विद्यालयों की प्रायोगिक परीक्षाएं करा रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन बच्चों के व्हाट्सएप ग्रुप में परीक्षा की तिथि और दिन की घोषणा कर सभी को जानकारी दे रहे है, जिससे कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित न रहे।
कल होगी जीव विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा
प्रायोगिक परीक्षाओं के क्रम में शनिवार को जीव विज्ञान की परीक्षा होगी। जीआईसी शक्तिनगर के प्रधानाचार्य डॉ. विनय श्रीवास्तव ने बताया कि 30 अप्रैल को यहां जीव विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा होगी। जीआईसी शक्तिनगर के छात्रों के लिए सरस्वती विद्या मंदिर खड़िया को केंद्र बनाया गया है। छात्राएं विद्यालय में ही परीक्षा दे सकेंगी। इसके साथ ही विद्या मंदिर खड़िया के सभी छात्रों को जीआईसी पहुंचना होगा और छात्राएं अपने ही विद्यालय पर परीक्षा देंगी। उधर, राजकीय इंटर कॉलेज दुद्धी के प्रधानाचार्य ऋषिकेश पाठक ने बताया कि फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायलॉजी व भूगोल की प्रायोगिक परीक्षा एक से चार मई तक चलेंगी। संबंधित परीक्षार्थी कालेज में प्रात: 7 बजे उपस्थित होकर प्रायोगिक परीक्षा में सम्मिलित हों। निर्धारित अवधि के बाद छूटे हुए परीक्षार्थियों के प्रायोगिक परीक्षा पर विचार नहीं किया जाएगा।