सोनभद्र। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार को विद्युत कर्मचारियों ने पूरे दिन कार्य बहिष्कार किया जिससे जिले के कई क्षेत्र में आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई। कहीं फाल्ट तो कहीं गड़बड़ी की मरम्मत न होने से विद्युत आपूर्ति ठप रही जिससे लोगों को परेशान होना पड़ा। पेयजल संकट भी पैदा हुआ।
अनपरा: डिबुलगंज, अनपरा, काशी मोड़, औड़ी मोड़, गरबंधा, खड़िया आदि क्षेत्रों में 24 घंटे से बिजली गुल रहने से लोग उमस से परेशान रहे। जलापूर्ति न होने से कई लोग स्नान नहीं कर पाए। लोग एक-दूसरे से पूछते नजर आए कि बिजली कब आएगी। औड़ी, गरबंधा सहित खडिय़ा में सुबह से बिजली गल थी जिससे इनवर्टर भी जवाब दे गए। इस दरौान बिजली कर्मचारियों के फोन स्वीच आफ रहे। एसडीएम दुद्धी रमेश कुमार ने सामंजस्य बनाकर विद्युत व्यवस्था बहाल करने की गुजारिश की लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। अनपरा परियोजना से बंद 132 केवी लाइन को किसी प्रकार से एसडीएम रमेश कुमार ने जब दुरुस्त कराया तो बांसी सब स्टेशन से शटडाउन लेने के लिए कोई भी कर्मचारी आने को तैयार नहीं हुआ जिससे आपूर्ति नहीं हो सका। इस दौरान रेलवे और एमजीआर की बिजली चलती रही जिससे एनसीएल के उत्पादन पर प्रभाव नहीं पड़ा।
बभनी: पिपरी पावरहाउस से बिजली आपूर्ति बंद होने से बभनी, म्योरपुर और दुद्धी ब्लाक के लोग परेशान रहे। कई क्षेत्रों में आपूर्ति ठप होने से जलापूर्ति नहीं हुई जिससे लोग परेशान रहे।
शाहगंज: विद्युतकर्मियों की हड़ताल का शाहगंज क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पर कोई असर नहीं दिखाई दिया। महेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि शाहगंज सब स्टेशन से अरंगी, गौरीशंकर, खजुरी, बरवां तथा शाहगंज फीडर की बिजली आपूर्ति होती है। दोपहर सवा एक बजे बारिश के चलते थोड़ी देर के लिए खजुरी फीडर की लाइन बंद थी, बाकी चारों फीडर की बिजली चालू थी।
घोरावल: तहसील क्षेत्र में सुबह से बिजली आपूर्ति रूटीन के अनुसार होती रही। तहसीलदार विकास पांडेय ने बताया कि घोरावल तहसील क्षेत्र में बिसरेखी, घुवास, केवली, रानीतारा और शाहगंज पांच विद्युत उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति की जाती है।
कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई तो बेमियादी हड़ताल पर जाएंगे
सोनभद्र। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण करने के प्रस्ताव के विरोध में विद्युत विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा संविदा एवं निविदा कर्मचारी सोमवार से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले गए। कर्मचारियों ने चेताया है कि यदि सरकार एवं प्रबंधन कर्मचारियों के विरुद्ध कार्य करता है तो वे बिना किसी नोटिस के बेमियादी हड़ताल चले जाएंगे और जेल भरो आंदोलन करेंगे। अधिकारी, कर्मचारी सुबह अधीक्षण अभियंता कार्यालय विद्युत वितरण मंडल राबर्ट्सगंज पर पहुंचे और कार्य बहिष्कार की घोषणा कर धरने पर बैठ गए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री से मांग की कि निजीकरण के प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने के लिए हस्तक्षेप करे जिससे ऊर्जा क्षेत्र में आये संकट से विभाग को बचाया जा सके। इस दौरान राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ, विद्युत मजदूर पंचायत, लेखा संघ एवं कार्यालय सहायक संघ से जुड़े इं. सर्वेश कुमार सिंह, रामेंद्र पांडेय, वीरेश कुमार सिंह, अमित कुमार गुप्ता, धर्मेन्द्र कुमार सिंह, एसके सिंह, विवेक सिंह, अरविंद कुमार मौर्या, विजय सिंह, ब्रम्हदत्त पटेल, अभिषेक कुमार कौशल आदि मौजूद रहे।