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क्राइम कंट्रोल के लिए ओझाओं को ढूंढ रही पुलिस

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सोनभद्र। जिले में जादू-टोना के शक में आए दिन हो रही हत्याएं और विवाद से बढ़ती वारदातों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस अब ओझा-सोखा की तलाश में जुट गई है। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने छह टीमों का गठन कर ऐसे ओझाओं की तलाश शुरू कराई है, जो लोगों में अंधविश्वास फैला रहे हैं। इनके विरुद्ध सख्ती करते हुए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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बता दें कि ओझा-सोखा का गिरोह सक्रिय होने लगा है। छह दिन पूर्व जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जादू-टोने के शक में दो हत्याएं हुई थी। बभनी थाना क्षेत्र अंतर्गत बभनी ग्राम पंचायत के सुकरौन टोला में वृद्ध रामदेव की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पकड़े गए मृतक के द्वय पोतों ने कहना था कि भूत-प्रेत से उसका पूरा परिवार परेशान था। आक्रोश में आकर कुदाल से अपने ही दादा की हत्या कर दी। उधर घोरावल कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मणपुर गांव में भूत-प्रेत को लेकर विनोद कोल की फावड़े से मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गिरफ्तार मृतक की आरोपी चाचा-चाची ने बताया कि गाय की बीमारी से मौत हो गई। गाय की मौत के सम्बंध में एक ओझा ने गाय पर जादू-टोना किए जाने की बात कही। आरोप है कि ओझा ने इसके लिए पड़ोस को जिम्मेदार बताया था। ओझा की बातों में आकर लक्ष्मण अपने पड़ोस में रहने वाले सगे भतीजे विनोद पर जादू टोने का शक करने लगा और पत्नी के साथ मिलकर हत्या कर दी। हालांकि पुलिस प्रशासन अंध्विश्वास को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को ओझाओं को चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सभी सर्किलों में एक-एक गोपनीय टीमें अंधविश्वास को बढ़ावा देने वालों को दबोचने के लिए गठित की है।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र, अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि थाना प्रभारियां को ओझा-सोखा को चिन्हित कर कार्रवाई करने का नर्देश दिया गया है। कोई भी व्यक्ति अंधविश्वास को बढ़ावा देने वालों के बारे में अपने नजदीकी थाने एवं पुलिस चौकी मेें सूचना दे सकता है। सूचना देने वालों का नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा। अंधविश्वास को बढ़ावा देने वालों को किसी सूरत में बख्शा जाएगा।
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