दुद्धी। कोतवाली क्षेत्र के निमियाडीह में गांव में छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के पीछे की वजह साफ नहीं हुई है। परिजनों की ओर से भी अभी कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन अंतिम संस्कार में जुटे रहे।
निमियाडीह गांव निवासी रईसा खातून (17) पुत्री मुबारक अली ने बृहस्पतिवार को घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस घटना से एक सप्ताह पहले ही उसके पिता को पॉक्सो एक्ट के मामले में सजा हुई थी। छात्रा की मौत के बाद ग्राम प्रधान एफए अंसारी व कुछ परिजनों ने घटना की वजह फाइनेंस कंपनी की ओर से बकाया जमा न किए जाने पर छात्रा की स्कूटी खींचकर ले जाने से आहत होना बताया गया था। मामला सूर्खियाें में आने के बाद एसपी डॉ. यशवीर सिंह के निर्देश पर पुलिस ने अपने स्तर से जांच शुरू कर दी है। एसओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि फाइनेंस कंपनी की ओर से स्कूटी नौ अगस्त को ले जाई गई थी, तब उसका पिता जेल के बाहर था। इसके बाद 14 अगस्त को मुबारक अली ने एजेंसी पर पहुंचकर किश्त जमा कर स्कूटी ले जाने की बात कही थी। इस घटना के 20 दिन बाद छात्रा ने जान दी है। फिलहाल परिजनों की तहरीर का इंतजार किया जा रहा है। उनकी ओर से प्रार्थना पत्र नहीं मिला है। पत्र के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्राम प्रधान एफए अंसारी व मृतका के फूफा ने बताया कि फाइनेंसर की ओर से जबरन स्कूटी ले जाने के बाद ही छात्रा सदमे में आई और आत्महत्या करने को विवश हुई है। अंतिम संस्कार के बाद तहरीर के लिए विचार किया जाएगा।