शक्तिनगर। रेनुकूट इलाके में रविवार को ट्रांजिट परमिट (टीपी) बिना पकड़ी गई तीन कोयला लदे ट्रकों के मामले में सोमवार को स्थिति साफ हो गई। इस मामले में एनसीएल के बजाय वन विभाग की व्यवस्था में पोल उजागर होने के बाद संबंधित लोगों में खलबली मच गई है।
ट्रकों को फारेस्ट विभाग के अधिकारियों ने रविवार सुबह कुंवारी क्षेत्र से पकड़ा गया था। फारेस्ट अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए ट्रक एनसीएल से कोयला लेकर ओडिशा जा रहे थे। रेनुकूट प्रभाग के डीएफओ मनमोहन मिश्रा ने बताया कि मामला कोयला चोरी का नहीं बल्कि बिना टीपी अवैध अभिवहन का था। चालक अनपरा में टीपी लिए बगैर आगे बढ़ गए। बताते चलें कि अनपरा में एनसीएल के मध्यप्रदेश क्षेत्र से कोयला लेकर निकलने वाली ट्रकों को टीपी जारी करने का इंतजाम है लेकिन भोर में ट्रक चालक बिना टीपी के निकल गए। ट्रकों को पकड़े जाने की जानकारी के बाद सोमवार को एनसीएल के महाप्रबंधक (कार्मिक/सुरक्षा) चार्ल्स जुस्टर भी रेनुकूट फारेस्ट आफिस पहुंचे और एनसीएल से कोयला निकासी के निमित्त जारी किए वैध कागजात प्रस्तुत कर स्पष्ट किया कि कोयला पूरी तरह वैध है। एनसीएल के प्रवक्ता राम विजय सिंह ने बताया कि कुछ समाचार माध्यमों के जरिए खदानों से कोयला चुराकर मंडी ले जा रहे ट्रक पकड़े जाने की खबर प्रसारित हुई। एनसीएल प्रबंधन ने पाया कि तीनों ट्रक के पास परिचालन के लिए एनसीएल द्वारा निर्गत किए जाने वाले सभी दस्तावेज वैध थे। इसलिए यह कहना की एनसीएल की खदानों से अवैध रूप से ट्रकों से कोयला निकला ये तथ्यहीन है। अब सवाल बगैर टीपी ट्रकों के पार होने पर वन विभाग पर उठ रहा है।