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दया, प्रेम और करुणा से ही आएगी शांति

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दुद्धी क्रिश्चियन चर्च में प्रार्थना करते फ़ादर मिथिलेश मसीह । - फोटो : SONBHADRA
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सोनभद्र/दुद्धी। मसीही समाज के लोगों ने रविवार को ईस्टर का पर्व मनाया। चर्चों में विशेष प्रार्थना सभा हुई। कैंडल जलाकर प्रभु यीशु के बलिदान को नमन किया। दया, प्रेम और करुणा के उनके संदेशों को जनमानस तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
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नगर के सिविल लाइंस रोड स्थित संत जेवियर्स चर्च में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मसीही समाज के लोग शामिल हुए। फादर लैंसी ने ईस्टर का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सूली पर लटकाए जाने के बाद प्रभु यीशु इसी दिन पुनर्जीवित हुए थे। ईस्टर उसी का प्रतीक माना जाता है। प्रभु यीशु ने मानव की सेवा और प्रेम, करुणा के प्रसार के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। आज विश्व में बढ़ते नफरत और भय के माहौल में प्रभु यीशु का संदेश ही शांति कायम रखने का माध्यम बन सकता है। उधर, दुद्धी के क्रिश्चियन चर्च ईस्टर पर विशेष प्रार्थना के बाद बच्चों ने विविध कार्यक्रम प्रस्तुत किए। क्रिश्चियन चर्च के फादर मिथिलेश मसीह व संत मेरी स्कूल परिसर के कृपाओं की माता चर्च के फादर ने कहा कि ईस्टर को लेकर 40 दिनों से ईसाई उपवास रखकर प्रभु यीशु की भक्ति में लीन रहे। गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु को क्रूस पर टांग दिया गया था। ईस्टर संडे के दिन प्रभु यीशु पुनर्जीवित हो उठे थे। प्रभु यीशु ने मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन हमें प्रेम, दया और करुणा को अपनाने का संदेश देता है। संत मेरी स्कूल परिसर में शनिवार की रात कैंडल जुलूस निकालकर प्रार्थना किया गया। सुबह चर्च परिसर में विशेष प्रार्थना कर कार्यक्रम संपन्न हुए। इस अवसर पर सरफराज, अजित, अभिषेक मसीह बाबा, पियर्शन, शिरीन, अनूप, सोनू, जोनी, टोनी, किरण, विनीता सहित अन्य मौजूद रहे।
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