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कागजों में लग कर रह गई पंचवटी, पौधे नदारद

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सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इसके तहत पौधरोपण कराए जा रहे हैं। ‘एक गांव एक बाग’ योजना के तहत ग्राम पंचायतों की जमीनों पर पंचवटी लगाई जा रही है लेकिन जिले में पंचवटी का कार्य कच्छप गति से चल रहा है। 637 ग्राम पंचायतों के लिए अब तक महज 20 हजार आम के पेड़ ही आए हैं। प्रधानों ने पंचवटी के लिए जमीन तो तैयार कर दी लेकिन अब उन्हें पौधा मिलने का इंतजार है।
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जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पंचवटी के तहत पौधरोपण किया जाना है। पंचवटी के तहत पीपल, बरगद, बेल, आंवला, और अशोक के पौधे लगाए जाने हैं। इसको लेकर प्रशासन ने पिछले दिनों अफसरों के साथ बैठक की और उन्हें निर्देश जारी किया कि जल्द से जल्द पंचवटी का कार्य पूर्ण हो सके। लेकिन इसकी शुरूआत ही काफी धीमी है। कई लोगों को उक्त पौधे अभी तक मिल तक नहीं पाए हैं। कलेक्ट्रेट के ठीक बगल में लोढ़ी ग्राम पंचायत में एक नाले के समीप पंचवटी के लिए जमीन तैयार कर दी गई लेकिन अब तक पौधे ही नहीं मिल सके, जिससे उन्हें लगाया जा सके। लोढ़ी के प्रधान शमशेर सिंह ने बताया कि पंचवटी के लिए 50 पेड़ आम, 100 पेड़ अमरूद, 25 पेड़ आंवला, 10- 10 पेड़ कटहल और जामुन का पौधा लगाया जाना है। इसके लिए करीब एक सप्ताह से अधिक समय से जमीन तैयार की जा चुकी है लेकिन अब तक पौधे नहीं मिले हैं, जिससे पंचवटी तैयार नहीं हो सकी है। कमोवेश यही हाल अन्य ग्राम पंचायतों का भी है जहां पौधरोपण के लिए जमीन चिह्नित कर उसे ठीक कर लिया गया लेकिन पौधे ही नहीं मिले ताकि उन्हें लगाया जा सके। उधर इस बाबत मनरेगा के उपायुक्त टीबी सिंह ने बताया कि पंचवटी के लिए अभी आम के 20 हजार और जामुन के सिर्फ साढ़े पांच हजार पौधे आए हैं। उन्हें लगवा दिया गया है। दो दिन में और पौधे आ जाएंगे, जिसे प्रत्येक ग्राम पंचायतों में भेजकर लगवाया जाएगा।
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