सोनभद्र। क्षय रोग विभाग की तरफ से अब तक टीबी से प्रभावित मरीजों की पहचान उनके बलगम की जांच, एक्सरे और सीबीनाट मशीन से की जाती रही है। अब सिर्फ खांसी की आवाज से भी मरीजों की पहचान की सकेगी। इसके लिए एक खास तरह के मोबाइल एप्लीकेशन कफ कलेक्शन एप को तैयार किया गया है। इस एप के माध्यम से क्षय रोगियों को खोजने में काफी आसानी होगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरजी यादव ने बताया कि देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल एप्लीकेशन कफ कलेक्शन एप तैयार किया गया है। इस एप की सहायता से टीबी की पहचान अब खांसी की आवाज से की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इस एप के माध्यम से टीबी के मरीजों को खोजने में काफी सहूलियत मिलेगी। एप की मदद से जिले में 50 लोगों का सैंपल लिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य टीम घर-घर जाकर एप की सहायता से टीबी के बिना लक्षण वाले, लक्षण सहित व्यक्तियों, उनके संपर्क में आने वाले लोगों और रिश्तेदारों की आवाज एकत्रित करेगी। उन्होंने बताया कि खांसी की आवाज और कुछ शब्दों के ज्यादा देर तक बोलने से टीबी की पहचान हो जाएगी। पहचान के बाद रोगियों का सही तरीके से इलाज किया जा सकेगा।