राजकीय व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की मनमानी रोकने के लिए अब उनकी उपस्थिति बायोमैट्रिक से लगेगी। स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों का ब्योरा दर्ज होगा और एप को शिक्षकों के वेतन से जोड़ा जाएगा। शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर पोर्टल बनाया जाएगा।
जिले में 46 राजकीय हाईस्कूल व इंटर और 10 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में समय पर न पहुंचने वाले शिक्षकों की निगरानी के लिए अब बायोमैट्रिक के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जाएगी। शासन स्तर से जिला विद्यालय निरीक्षक को सभी विद्यालयों का विभाग की वेबसाइट पर ब्योरा उपलब्ध कराने और शीघ्र विद्यालयों में बायोमैट्रिक से शिक्षकों की उपस्थिति शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक को शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी के लिए डीआईओएस कार्यालय स्तर पर पोर्टल बनाकर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त विद्यालयों की संख्या, विद्यालयवार शिक्षकों का ब्योरा, कितने विद्यालयों में बायोमैट्रिक से उपस्थिति दर्ज की जा रही है। यह भी पूछा गया है कि विद्यालयों में बायोमैट्रिक न लगाने के कारण से अवगत कराने का निर्देश दिया है। इस आदेश के क्रम में डीआईओएस ने संबंधित प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को अवगत कराते हुए जल्द से जल्द बायोमैट्रिक से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
शासन के निर्देशों के बारे में सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों को विद्यालयों में बायोमैट्रिक से उपस्थिति शुरू कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - रविशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक।