फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोनभद्र के इस अस्पताल में बिजली नहीं: मोबाइल टार्च और मोमबत्ती की रोशनी में 20 से ज्यादा प्रसव, जिम्मेदार बेखबर

Fri, 01 Oct 2021 05:22 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र

सार

सोनभद्र के राबर्ट्सगंज स्थित प्रसवोत्तर केंद्र में बीते कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। पिछले एक सप्ताह में यहां करीब 25 से ज्यादा महिलाओं का प्रसव हुआ है। इसमें ज्यादातर प्रसव रात के अंधेरे में मोमबत्ती और मोबाइल टार्च की रोशनी में कराया गया।
 
विज्ञापन
राबर्ट्सगंज प्रसवोत्तर केंद्र - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के अति पिछड़े जिलों में शुमार सोनभद्र में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर है। अस्पतालों की बदहाली पर न विभागीय अधिकारी सुध ले रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि। नतीजा स्वास्थ्य कर्मचारियों को मोमबत्ती और टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराना पड़ रहा है। ताजा मामला राबर्ट्सगंज प्रसवोत्तर केंद्र का है। सीएमओ कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर स्थित इस केंद्र में पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति बाधित है।

विज्ञापन


स्वास्थ्य कर्मचारी अफसरों को लिखित और मौखिक रुप से कई बार अवगत करा चुके, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा वह उपलब्ध संसाधनों में ही अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में यहां करीब 25 से ज्यादा महिलाओं का प्रसव हुआ है। इसमें ज्यादातर प्रसव रात के अंधेरे में मोमबत्ती और मोबाइल टार्च की रोशनी में कराया गया।

पढ़ेंः सगी बहनों से सामूहिक दुष्कर्म में दो दोषियों को उम्रकैद, दोनों पर 1.05 लाख का अर्थदंड
विज्ञापन

सीएमओ कार्यालय के बगल में स्थित इस प्रसवोत्तर केंद्र पर नगरीय क्षेत्र की महिलाओं को प्रसव संबंधित सुविधा मुहैया कराई जाती है। यहां दो स्टाफ नर्स व दाई की तैनाती है। बिजली आपूर्ति के लिए यहां इंवर्टर व सोलर सिस्टम लगा है। करीब एक सप्ताह पहले वायरिंग में फॉल्ट आ जाने से अस्पताल की आपूर्ति बंद हो गई। कर्मचारियों ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।

विज्ञापन

बजट का अभाव बताकर हाथ खड़े कर रहे अधिकारी

इस बीच प्रसव का कार्य जारी रहा। आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को कर्मचारी मोबाइल टार्च और मोमबत्ती की रोशनी में प्रसव करा रही हैं। कई दिनों से यह स्थिति बने होने के बाद भी जिम्मेदार समस्या से बेखबर बने हुए हैं, जबकि कर्मचारियों की ओर से लगातार उन्हें सूचना दी जा रही है। मरीजों के तीमारदार भी उनसे शिकायत कर चुके हैं, लेकिन बजट का अभाव बताकर हाथ खड़े कर देते हैं।

केंद्र पर तैनात स्टाफ नर्स विजय लक्ष्मी ने बताया कि रोजाना 4 से 5 प्रसव होता है। दिन में तो कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन रात में बिजली न होने पर मोमबत्ती या मोबाइल टार्च का सहारा लेना पड़ रहा है। इस बारे में प्रभारी चिकित्साधिकारी केकराहीं और सीएमओ को अवगत कराया जा चुका है।

कई बार पत्र देने के बाद भी समस्या का हल नहीं हुआ है। इस बाबत प्रभारी चिकित्साधिकारी केकराहीं डॉ. अवधेश सिंह का कहना था प्रसवोत्तर केंद्र पर बिजली समस्या की जानकारी एक दिन पहले ही मिली है। यहां इलेक्ट्रिशियन भेजकर सुधार कराया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें