सोनभद्र। सलईबनवा रेलवे साइडिंग पर कोयले के भंडारण पर एनजीटी ने एक्शन कमेटी गठित कर रिपोर्ट तलब की है। निर्माणाधीन सीमेंट कंपनी के प्राकृतिक जलस्रोत के नाले और उसके ऊपर बनी बाउंड्री को तत्काल हटाने को भी कहा है।
मामले में याचिकाकर्ता विकास शाक्य और उनके अधिवक्ता अभिषेक चौबे ने बताया कि सीमेंट फैक्ट्री का निर्माण सलईबनवा में चल रहा है, जिसमें प्राकृतिक जलस्रोत के नाले एवं बांध को अपने कब्जे में बाउंड्रीवाॅल के अंदर लेकर उसके स्वरूप को नष्ट किया जा रहा था। सलईबनवा रेलवे साइडिंग पर भी कोयला डंप कर नाले की धारा को बाधित कर दिया गया। इससे पर्यावरण को भारी क्षति पहुंची है। इसे लेकर एनजीटी में याचिका प्रस्तुत की गई है। इस पर सर्वेक्षण के बाद रिपोर्ट के मद्देनजर सीमेंट कंपनी को आदेश दिया गया कि बाउंड्रीवॉल को तत्काल नाले के ऊपर से हटा लें और ह्यूम पाइप भी निकाल लें। सलईबनवा रेलवे साइडिंग पर डंप कोयला पर सख्ती करते हुए एक्शन कमेटी का गठन किया गया है। सलईबनवा रेलवे साइडिंग पर कोयले का अवैध भंडारण और कोयले का अवैध परिवहन सड़क मार्ग से हुआ है, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। पर्यावरण को भी काफी क्षति पहुंचाई गई है। इस मामले को भी सीमेंट कंपनी की याचिका के साथ जोड़कर उठाया गया है। एनजीटी में अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी।