सोनभद्र। निकाय चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद शनिवार को जिले की चारों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। तहसीलों में फरियाद लेकर पहुंचे ग्रामीणों की भीड़ रही। हालांकि इनमें से ज्यादातर को समस्याओं का त्वरित समाधान की बजाय आश्वासन लेकर लौटना पड़ा।
घोरावल तहसील में डीएम चंद्र विजय सिंह और सीडीओ सौरभ गंगवार ने लोगों की शिकायतें सुनीं। यहां कुल 45 प्रार्थना पत्र आए। इनमें से पांच मामलों का मौके पर समाधान किया गया, जबकि टीमों को भेजकर चार प्रकरणों का निस्तारण किया गया। अन्य 36 प्रकरणों को डीएम ने समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने का निर्देश दिया। इस मौके पर एएसपी टीएन त्रिपाठी, एसडीएम रमेश कुमार, सीओ अमित कुमार मौजूद रहे। सदर तहसील में एडीएम सहदेव मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एएसपी कालू सिह, एसडीएम शैलेंद्र मिश्रा ने 83 शिकायतें सुनते हुए मौके पर नौ मामले निस्तारित किए। टीमों को भेजकर तीन प्रकरणों को निस्तारित किया गया। बाकी 71 प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। ओबरा में एडीएम नमांमि गंगे आशुतोष दुबे, एसडीएम प्रभाकर सिंह के समक्ष 18 शिकायतें पहुंचीं। एक मामले निस्तारित किए गए। बाकी 17 प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए गए।
निराश लौटे 20 फरियादी
दुद्धी। स्थानीय तहसील में एसडीएम श्याम प्रताप सिंह ने लोगों की शिकायतों को सुना। संपूर्ण समाधान दिवस में सर्वाधिक भूमि विवाद सहित अन्य मामलों में कुल 23 लोग शिकायत लेकर पहुंचे। इनमें से महज तीन प्रकरणों का ही मौके पर निस्तारण हो सका। अन्य 20 फरियादियों को निस्तारण का आश्वासन लेकर निराश लौटना पड़ा। हालांकि यहां एसडीएम ने सभी प्रकरणों को राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्वक निस्तारण का निर्देश दिए। सीओ दुद्धी दद्दन प्रसाद गौंड, तहसीलदार ब्रजेश वर्मा आदि मौजूद रहे।