जिले में जमीन खरीदना एक दिसंबर से महंगा हो जाएगा। चारों तहसीलों में नए सर्किल रेट को डीएम ने मंजूरी दे दी है। इसे एक दिसंबर से लागू कर दिया जाएगा। नई दरों में भूमि के रेट में औसतन से आठ से दस प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
भूमि, मकान सहित अन्य संपत्ति की दरों को नियंत्रित रखने के लिए जिला स्तर पर मूल्यांकन कर उसकी सरकारी दर (सर्किल रेट) तय की जाती है। इसी आधार पर उस क्षेत्र में किसी भी जमीन की खरीद-बिक्री के लिए स्टांप शुल्क जमा होता है।
आमतौर पर नए सर्किल रेट सितंबर-अक्तूबर से ही लागू होते हैं। इस बार भी तहसीलों के माध्यम से नई दरों का प्रस्ताव सितंबर में ही तैयार करा लिया गया था। आसपास के अन्य जिलों में दो माह पहले से नई दरों पर ही खरीद-बिक्री शुरू भी हो चुकी है।
जिला स्तरीय समिति की अनुमति न मिलने से सर्वे के बाद भी नई मूल्यांकन सूची प्रभावी नहीं हो पाई थी। करीब दो माह बाद नई दरों को स्वीकृति प्रदान की गई है। नई दरों में नगर व आसपास के क्षेत्रों में भूमि की दरों में सर्वाधिक वृद्धि हुई है।
यह वृद्धि औसतन 10 फीसदी तक है। वहीं ग्रामीण इलाकाें में आठ प्रतिशत की वृद्धि की गई है। डीएम बद्रीनाथ सिंह ने बताया कि जिले की सभी तहसीलों में स्टांप की नयी सर्किल दरें एक दिसंबर से प्रभावी होंगी। भूमि की न्यूनतम दर प्रति हेक्टेयर या प्रतिवर्ग मीटर और गैर-वाणिज्यिक भवन की न्यूनतम निर्माण की दर निर्धारित की गई है।