सोनभद्र। गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट की ओर से प्रसिद्ध संत समर्थ गुरु रामदास जी महाराज के जनपद आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। तीन दिवसीय गुप्तकाशी दर्शन के लिए गुजरात से गुरु रामदास जी महाराज आए हैं। उन्होंने शीतला माता मंदिर में दर्शन कर रौप स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर में दर्शन पूजन किया।
इस दौरान महाराज ने भक्तों से कहा जैसे शरीर में सिर, छाती, पेट और पैर है वैसे मानव समाज में भी वर्ण व्यवस्था। यदि हम इसका विवेचन करें तो सिर्फ ब्राह्मण पैर के आगे झुकता है लेकिन बदलते परिवेश में हमने सारी परिभाषा को उलट दिया है। जाति पंथ संप्रदाय में मानव को मानव का दुश्मन बना डाला। इसके पीछे महज उन्माद और नशाखोरी है। इसलिए अब से भी हमें नशा मुक्त होकर ब्रह्म समाज को बचाना होगा। तभी समाज का समुचित पोषण संभव हो सकेगा। क्योंकि जब शरीर से सिर काट दिया जाए तो प्राण बचाना मुश्किल होगा। कहा कि पेड़ के कटने के बाद जीवन रक्षित रह सकता है, लेकिन वह किसी काम का नहीं रह जाएगा। ट्रस्ट के संस्थापक रविप्रकाश चौबे ने महाराज का स्वागत किया। पंचमुखी महादेव मंदिर के महंत पूज्य लक्ष्मण दास दुबे, नागेश्वरी, महंत कृष्ण केशव दास, मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी, शिक्षक प्रमोद चौबे, राजेश त्रिवेदी, सौरभ कांत त्रिपाठी, अमरेश त्रिपाठी, रजनीश, कमलेश चौबे, गौरव, नीतीश चतुर्वेदी, धर्मेंद्र कुमार, राजू आदि उपस्थित रहे।