रामगढ़। चतरा ब्लॉक के एक निजी विद्यालय ने सरकार के बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान को दरकिनार कर फीस जमा न होने पर परीक्षा में बैठने से रोक दिया। मामला सोमवार का है।
रामगढ़ निवासी अशोक चंद्रवंशी की दो बेटियां पूर्णिमा और लक्ष्मी कक्षा पांच की छात्रा है। अभिभावक का आरोप है कि बच्चियों का फीस एक महीने का बाकी था। विद्यालय प्रबंधन की तरफ से फीस जमा करने का दबाव बनाये जाने पर उन्होंने यह कहा था कि एक-दो दिन में फीस जमा कर देंगे। इसके बाद भी उनके बेटियों को परीक्षा देने से रोकते हुए बाहर बैठा दिया गया। जब मुझे सूचना हुई तब मैं विद्यालय गया लेकिन तब तक परीक्षा खत्म हो गई थी। अभिभावक ने आरोप लगाया है कि लॉकडाउन के दौरान तमाम स्कूलों ने फीस नहीं ली और यहां अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है। विद्यालय की तरफ से पूरा शुल्क वसूला गया। इस तरह का व्यवहार कई अभिभावकों के साथ हो चुका है। अभिभावकों ने उच्च अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्या ने बताया कि अभिभावक से फीस जमा करने के लिए कहा गया था। फीस जमा न होने से छात्राओं को परीक्षा में बैठने से रोका गया। वहीं इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी चतरा दिलीप कुमार का कहना है कि छात्राओं को परीक्षा से रोकना गलत है। सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ को प्राथमिकता दे रही है। यदि ऐसा है तो जांच कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।