दुद्धी। नाबार्ड के महाप्रबंधक एचएम मिश्र ने शुक्रवार को कनहर सिंचाई परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। परियोजना के निर्माण में नाबार्ड की वित्तीय सहायता पूरी होने के बावजूद इसका लाभ किसानों तक पहुंचने में विलंब होता देख उन्होंने चिंता जताई। संंबंधित अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया।
सहयोगी आनंद पांडेय के साथ अमवार पहुंचे महाप्रबंधक ने कहा कि जब तक कनहर डैम का पानी किसानों के खेतों तक नहीं पहुंचता, तब तक मूल उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो सकती। परियोजना की बढ़ी पुनरीक्षण लागत (1050 करोड़ रुपया) के सवाल पर कहा कि वे पूर्व में ही बोल चुके हैं कि यदि सरकार चाहे तो वे भी धनराशि देने को भी तैयार है। इस बात को लखनऊ में प्रमुख सचिव स्तर पर बैठक में भी कही गई है।
कनहर सिंचाई परियोजना को अब तक करीब 19 सौ करोड़ रूपये की वित्तीय मदद नाबार्ड की ओर से दी गई है। इस धनराशि से हुए कार्यों का सत्यापन करने पहुंचे महाप्रबंधक ने बताया कि सन 2016 में परियोजना की अनुमानित लागत 2239 करोड़ रूपये के सापेक्ष नाबार्ड ने 1900 करोड़ रुपये स्वीकृत किया था। परियोजना के मुख्य अभियंता हर प्रसाद ने उन्हें मौजूदा निर्माण प्रगति के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार व सीमांत अग्रवाल के साथ संबंधित अभियंताओं ने चल रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। अधिशासी अभियंता विनोद कुमार व दिलीप कुमार की टीम से निर्माण कार्य की प्रगति जानी। इस मौके पर अधिशासी अभियंता एसपी चौधरी, राम आशीष, सहायक अभियंता आशुतोष मिश्रा, टीएन झा, संजय गुप्ता, सुनील कुमार, राजकुमार शर्मा, सत्यनारायण राजू आदि मौजूद रहे।