शाहगंज। घोरावल ब्लॉक के ग्राम पंचायत खैरा में व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। स्वच्छ भारत मिशन की डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर किरण सिंह की जांच में 36 शौचालय अधूरे और 16 शौचालय ऐसे मिले हैं, जिनका निर्माण शुरू ही नहीं हो पाया। उन्होंने संबंधित लाभार्थियों से वसूली की संस्तुति की है।
ग्राम पंचायत खैरा के बेलाव गांव निवासी राकेश कुमार ने ग्राम पंचायत खैरा में शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने पर हुए घोटाले की शिकायत डीपीआरओ से की थी। एसबीएम की डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर किरन सिंह को जांच सौंपी गई। शुक्रवार को टीम मौके पर पहुंची। रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत खैरा में कुल 447 शौचालयों के लिए धनराशि भेजी गई थी। प्रति शौचालय 12 हजार रुपये की दर से 53 लाख 28 हजार धनराशि निकाल ली गई, लेकिन जांच में 392 शौचालय पूर्ण, 36 अपूर्ण और 16 अनारंभ पाए गए। गांव में 16500 रुपये से शौचालय की पेंटिंग कराई गई है, जो नियम विरुद्ध है। इतनी बड़ी संख्या में शौचालय निर्माण घोटाले में रिपोर्ट आने के बाद ब्लॉक के अन्य ग्राम पंचायतों में भी हलचल मच गई है। चर्चाओं की मानें तो घोरावल ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में मनरेगा के बाद यह दूसरा शौचालय घोटाले का मामला प्रकाश में आ रहा है। जहां ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की मिलीभगत से दर्जनों ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण में घोटाले की बात सामने आ रही है।