विद्युत कार्यालय सहायक संघ की सोमवार को आयोजित वर्चुअल मीटिंग में विद्युत कर्मियों की विभिन्न समस्याओं पर गहन मंत्रणा की गई। इस दौरान ऊर्जा विभाग में कार्यरत कर्मियों के लिए आमेलन का रास्ता खोलने सहित मिनिस्ट्रीयल संवर्ग के कर्मचारियों के लिए तत्काल नियमावली बनाये जाने की पुरजोर मांग की गई।
बैठक में भाग लेते हुए विद्युत कार्यालय सहायक संघ के प्रदेश अध्यक्ष उत्पादन मो. नाजिम ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में मुख्यालय स्तर पर मिनिस्ट्रीयल संवर्ग के पदनाम परिवर्तित किए गए थे मगर उसके बाद आज तक उनके लिए नियमावली तक नहीं बनाई गई। इससे संवर्ग के कर्मचारी बगैर एक भी पदोन्नति पाये ही रिटायर्ड हो जा रहे हैं। इसके साथ ही विभिन्न डिवीजन में आमेलन की प्रक्रिया बंद कर दिये जाने के कारण कर्मी अपने घर-परिवार से सैकड़ों किमी दूर मानसिक तनाव में ड्यूटी करने को विवश हैं। प्रबंधन को तत्काल आमेलन का रास्ता खोलने की दिशा में कार्य करना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष ने रोष जताते हुए कहा कि जीपीएफ कर्मचारियों की स्लिप अभी तक आनलाइन नहीं की गई है। दूसरी तरफ विद्युत विभाग में ईआरपी सिस्टम पूरी तरह लागू होने के बाद भी अभी तक कार्यकारी सहायक संवर्ग के कार्य का निर्धारण तक नहीं किया गया है। ऊर्जा विभाग में भारी संख्या में रिक्त पदों पर भर्ती की दिशा में कोई पहल न किये जाने से कर्मियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। मीटिंग में सभी पदाधिकारियों ने सहभागिता की। इस मौके पर अनपरा शाखा अध्यक्ष देवेंद्र कुमार, महामंत्री पंकज कुमार, प्रदेश उपसचिव रमेश राय, प्रदेश संगठन सचिव हरेंद्र सिंह, विजेंद्र यादव, प्रदेश प्रचार सचिव प्रकाश सैनी, हरदुआगंज अध्यक्ष योगेश कुमार, मनीष चौधरी, योगेंद्र यादव, दीपक कुमार आदि ने भी ज्वलंत मुद्दों को उठाया।