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- फोटो : सोशल मीडिया।
कंपोजिट विद्यालय गुरेठ के प्रधानाध्यापक रुद्र प्रसाद का कहना है कि आठ अगस्त 2022 से ग्राम प्रधान ने स्वयं मिड-डे- मील बनवाने की जिम्मेदारी ली है। इसके मेन्यू के अनुसार सोमवार को बच्चों को रोटी-सब्जी, रोटी-दाल या रोटी व सब्जी मिश्रित दाल दी जानी थी। उस दिन रसोई में सब्जी नहीं थी और गैस सिलिंडर में गैस खत्म हो गई थी।
इसकी सूचना सोमवार सुबह ही ग्राम प्रधान को दे दी गई थी, लेकिन उन्होंने सिलिंडर समय पर नहीं भिजवाया। दोपहर बाद करीब पौने दो बजे विद्यालय में गैस सिलिंडर पहुंचा। गैस सिलिंडर व सब्जी उपलब्ध न होने से बच्चों को मिड-डे-मील में नमक व रोटी दी गई।
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शिक्षा क्षेत्र घोरावल के गुरेठ ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रभुनारायण का कहना है कि मिड-डे-मील की सामग्री कम होने या खत्म होने की जानकारी मिलते ही वह तत्परता से सामग्री उपलब्ध करा देते हैं। 22 अगस्त सोमवार को 11 बजे उन्हें सूचना मिली कि गैस खत्म हो सकती है। सूचना मिलते ही स्कूल में सिलिंडर भेजवा दिया। रसोई में सब्जी उपलब्ध न होने की सूचना उन्हें किसी ने नहीं दी।
गैस खत्म होने की सूचना उन्हें बच्चों के खाना खाने के बाद मिली। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी (घोरावल) अशोक कुमार सिंह ने कहा कि कंपोजिट विद्यालय गुरेठ में बच्चों को मिड-डे-मील में नमक-रोटी परोसने का मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कंपोजिट विद्यालय गुरेठ में प्राथमिक विद्यालय एवं जूनियर हाईस्कूल के कुल 249 बच्चे नामांकित हैं। प्राथमिक वर्ग में 125 बच्चे एवं जूनियर वर्ग में 124 बच्चे हैं। सभी बच्चों के लिए कुल मिलाकर चार गैस सिलिंडर मौजूद हैं। दो सिलिंडर भरवाने के लिए गया था। एक सिलिंडर में थोड़ी बहुत गैस थी, जिससे बड़ी मुश्किल से सिर्फ रोटी ही बन पाई। रसोई में सब्जी भी नही थी। इसलिए मजबूरन बच्चों को रोटी नमक खाना पड़ा।