कोन/सोनभद्र। हर घर में शौचालय बनवाकर जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया। इसके लिए पहले गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाया गया। इसके लिए कहने को तो कागजों में शौचालय बना दिए गए, उनकी जियो टैगिंग भी करा दी गई लेकिन अफसोस की मौके पर स्थिति कुछ और ही है। कहीं शौचालय में भूसा रखकर उसे भुसउल बना दिया गया है तो कहीं अधूरा टैंक व्यवस्था की पोल खोल रहा है। कोन ब्लाक क्षेत्र के कई गांवों में ऐसे स्थिति होने पर लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
करीब एक सप्ताह पहले सदर विधायक भूपेश चौबे कोन ब्लाक के ही निगाई में गए थे। वहां रात्रि विश्राम के बाद सुबह शौच के लिए कई घरों का दरवाजा खटखटाना पड़ा। जब यह मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो वहां के सचिव को निलंवित कर जांच शुरू की गई। लेकिन, विडंबना ये है कि न सिर्फ निगाई कई गांव ऐसे हैं जो महज कागजों पर ही ओडीएफ हुए हैं। अगर ठीक से जांच करा ली जाए तो ओडीएफ के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले कई लोगों की गर्दन फंसनी तय है।