दहेज में एक लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की जलाकर हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी अर्चना रानी की कोर्ट ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए उस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जुर्माना न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। इस मामले में चार अन्य दोषियों को 3-3 वर्ष की कैद व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के बभनौली गांव निवासी जैबुन्निशा ने पन्नूगंज थाने में 8 जून 2022 को तहरीर दी थी।
अवगत कराया था कि बेटी चांदनी उर्फ सबा बेगम का निकाह करीब 12 वर्ष पहले पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बनौरा गांव निवासी हसनैन के साथ किया था। अपने सामर्थ्य के अनुसार उपहार भी दिया था।
बावजूद दहेज में एक लाख रुपये की मांग को लेकर पति हसनैन, ससुर बलमू उर्फ अजीमुल्लाह खान, सास नजीरन उर्फ नजीर, देवर राजू खान उर्फ भद्दी व ननद रोबिना उसे प्रताड़ित करते रहे।
छह जून 2022 को 12 बजे रात में उनकी बेटी चांदनी उर्फ सबा बेगम ने फोन कर घटना की जानकारी दी। जब बेटी के ससुराल गए तो वह जली हुई हाल में पड़ी थी। दहेज में एक लाख की मांग पूरी नहीं हुई तो पति, ससुर, सास, देवर व ननद ने बेटी चांदनी को जला दिया।
वाराणसी में उपचार के दौरान बेटी की मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी पति हसनैन को उम्रकैद व 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वहीं दोषी ससुर बलमू उर्फ अजीमुल्लाह खान, सास नजीरन उर्फ नजीर, देवर राजू खान उर्फ भद्दी व ननद रोबिना को 3-3 वर्ष की कैद व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।