साढ़े 15 वर्ष पूर्व हुए दीपक जायसवाल हत्याकांड में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की कोर्ट ने चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। उन पर 27-27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज के नई बस्ती निवासी अमरचंद्र जायसवाल ने 20 अगस्त 2009 को चोपन थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि उनका पुत्र दीपक 17 अगस्त 2009 की शाम डाला बाजार में तकादा के लिए गया था। इसके बाद से ही वह लापता था।
डाला चौकी में 18 अगस्त को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बाद में दीपक का शव दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के रजखड़ में बरामद होने पर 20 अगस्त को हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
विवेचना के दौरान कोटा ग्राम के नौटोलिया निवासी संतोष कुमार कुशवाहा, डाला निवासी राकेश उर्फ आजाद, जैनेंद्र प्रजापति उर्फ पप्पू और रतन पासवान का नाम सामने आया। विवेचक ने इनके विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर चारों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 27-27 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।