यूपी के सोनभद्र जिले के शक्तिनगर थाना क्षेत्र में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज श्रीवास्तव ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर 1.05-1.05 लाख लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की राशि पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन के मुताबिक, शक्तिनगर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 28 अप्रैल 2017 को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी के साथ कोटा बस्ती निवासी उत्सव गिरी, रौकत भट्टाचार्य, राजू गोप व गुड्डू राजभर सात माह से दुष्कर्म करते रहे। इसमें गुड्डू राजभर की पत्नी किरन भी सहयोग करती थी। 27 मार्च 2017 को बेटी की तबीयत खराब होने पर पता चला कि वह गर्भवती है। 31 मार्च 2017 को ऑपरेशन करके मृत बच्चे को निकाला गया। बेटी ने डर की वजह से पहले कुछ नहीं बताया था क्योंकि सभी उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाया। अदालत ने उत्सव गिरी, रौकत भट्टाचार्य, राजू गोप, गुड्डू राजभर व किरन को उम्रकैद और प्रत्येक को एक लाख पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर सभी को एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समस्त धनराशि नियमानुसार पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता दिनेश अग्रहरि व सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।