घोरावल। जमीन संबंधी विवाद को लेकर 11 आदिवासियों की हत्या के बाद सुर्खियों में आए उभ्भा गांव में आदिवासियों को शासन ने 800 बीघे कृषि भूमि पट्टा किया है। इस पर तमाम आदिवासियों को कब्जा नहीं मिल सका है। प्रशासन ने आदिवासियों का कब्जा सुनिश्चित करने के लिए पत्थरगड्डी का अभियान चलाया है। इसके तहत शुक्रवार को 15 लोगों के पट्टी की जमीन पर पत्थरगड्डी का कार्य कराया गया।
उभ्भा कांड की पहली बरसी पर किसी तरह के विवाद की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। कांग्रेस की ओर से गांव में बरसी की पूर्व संध्या पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था लेकिन प्रशासन की सख्ती की वजह से यह सभा नहीं हो सकी। प्रशासन ने पूरे गांव को छावनी के रूप में तब्दील करा दिया है। इसी बीच प्रशासन आदिवासियों को दिये गए कृषि भूमि पट्टे पर लगातार कब्जा दिलाने का कार्य करा रहा है। शुक्रवार को भी अपर जिलाधिकारी योगेेंद्र बहादुर सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह के निगरानी में आदिवासियों को दी गई पट्टा की जमीन पर पत्थरगड्डी का कार्य कराया गया। एडीएम ने बताया कि आदिवासियों को 800 बीघे कृषि भूमि पट्टा का आवंटन किया गया था। शुक्रवार को 15 लोगों के जमीन में पत्थरगड्डी कर जमीन पर कब्जा सुनिश्चित किया गया। अभी 281 और लोगों की जमीन पर पत्थरगड्डी का कार्य कराया जाना शेष है।