सोनभद्र। जिले के कई ग्राम पंचायतों में बेंचों की खरीद फरोख्त में व्यापक पैमाने पर सरकारी धन का बंदरबांट करने का मामला खुलकर सामने आया है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि डीपीआरओ के रोक के बावजूद कई सचिवों और ग्राम प्रधानों ने बेंचों की आपूर्ति करने वाले फर्मों को लाखों रुपये भुगतान कर दिया। बेचों की सत्यापन कर रिपोर्ट देने के लिए लगाए गए अधिकारियों को डीपीआरओ द्वारा समस्त सहायक विकास अधिकारियों को भुगतान पर रोक लगाने से संबंध में भेजे गए पत्र भी हाथ लगा है।
राबर्ट्सगंज, घोरावल, करमा, चतरा, नगवां, चोपन, कोन, दुद्धी, बभनी और म्योरपुर विकास खंड के 629 ग्राम पंचायतों में से सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में सीमेंटेड बेंच लगाए गए हैं। बेंचों के लगाने में सरकारी धन का बंदरबाट करने का मामला संज्ञान में आने पर सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने कई जिलास्तरीय अधिकारियों से सत्यापन कराया। सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला है कि 14 मार्च 2022 को डीपीआरओ विशाल सिंह ने समस्त सहायक अधिकारी पंचायत को पत्र भेजकर ग्राम पंचायतों में आपूर्ति की गई बेंचों की सत्यापन कराने की कार्यवाही पूर्ण होने तक आपूर्ति किए गए बेंचों का किसी प्रकार का भुगतान अग्रिम आदेश तक आपूर्ति कर्ता को न किया जाए। इसके बावजूद संबंधितों ने बेंचों का लाखों रुपये भुगतान कर दिया है। इस संबंध में डीपीआरओ विशाल सिंह का कहना है कि कई ग्राम पंचायतों मेें महंगे दर पर बेंचों की खरीद करने की शिकायत मिलने पर सभी सहायक अधिकारी पंचायत को भुगतान पर रोक लगाने के लिए निर्देश दिया गया है।