बभनी थाना क्षेत्र के अहिरबुढ़वा गांव निवासी कपिलदेव की मौत के मामले का पर्दाफाश छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को किया। सीमावर्ती इलाके में जंगली सूअरों को मारने के लिए बिछाए गए तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से कपिल की मौत हुई थी। तार बिछाने वालों ने भयवश शव को खेत में छिपा दिया था। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करते हुए उनका चालान कर दिया।
छह सितंबर की रात अहिरबुढ़वा गांव निवासी कपिलदेव यादव अपने घर से बाइक से कहीं जाने के लिए निकला था। अगले दिन सुबह छत्तीसगढ़ राज्य के कुंदरू गांव के ढोढीपारा नामक स्थान पर उसका शव मिला। सनावल थाने में मृतक के भाई तपसी यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दुद्धी विधायक रामदुलार गोंड ने घटनास्थल पर जाकर भाजपा छत्तीसगढ़ पूर्व गृहमंत्री रामविचार नेताम से वार्ता कर घटना के शीघ्र खुलासे को कहा था।
बलरामपुर पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने छानबीन के लिए स्पेशल टीम लगाई। सनावल पुलिस ने जांच में पाया कि ढोढीपारा निवासी देवनारायण सिंह गोंड ने जंगली सूअरों को मारने के लिए करंट का बाड़ लगाया था। छह सितंबर को उसने अपने पुत्र सुरेंद्र सिंह के साथ नंगा तार बिछाकर करंट प्रवाहित किया था। सात सितंबर की भोर में वह खेत में गए तो देखा कि कपिलदेव यादव करंट से मृत पड़ा था। दोनों ने डरकर शव को मक्के के खेत में छिपा दिया। आरोपियों की निशानदेही पर तार भी बरामद हुआ।