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कल्याण सिंह के निधन पर शोक : उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अर्पित की श्रद्धांजलि, कहा- गुड गवर्नेंस के लिए हमेशा याद किए जाएंगे

Sun, 22 Aug 2021 05:25 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र

सार

उप राज्यपाल रक्षाबंधन पर अपनी बहन से राखी बंधवाने सोनभद्र के आमडीह गांव पहुंचे थे। राखी बंधवाकर लौटते समय वह मीडियाकर्मियों से रूबरू हुए। उन्होंने पूर्व सीएम कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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सोनभद्र में बहन से राखी बंधवाते मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर दुख जताया है। रविवार सुबह शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी गुड गवर्नेंस की बात होगी, कल्याण सिंह को सबसे पहले याद किया जाएगा। उन्होंने अपने शासन में विकास का रोडमैप तैयार किया। सत्ता की परवाह किए बगैर जनता के हित को सर्वोपरि रखा। उन्होंने ईश्वर से गतात्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना जताई। 

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उप राज्यपाल रक्षाबंधन पर अपनी बहन से राखी बंधवाने सोनभद्र के आमडीह गांव पहुंचे थे। राखी बंधवाकर लौटते समय वह मीडियाकर्मियों से रूबरू हुए। उन्होंने पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बिना किसी सवाल का जवाब दिए सीधे वाराणसी निकल गए। पहले उन्हें वाराणसी से चार्टेड प्लेन से सीधे जम्मू कश्मीर जाना था, लेकिन अब लखनऊ पहुंचेंगे।

वहां पूर्व सीएम का अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद जम्मू कश्मीर रवाना होंगे। उप राज्यपाल के कार्यक्रम को लेकर दो दिनों से आमडीह गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। भारी फोर्स चप्पे-चप्पे पर डटी थी। उनके जाते ही अधिकारियों  ने राहत की सांस ली।

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कल्याण सिंह का बनारस से काफी पुराना रिश्ता, माफियाओं को ललकारा था

पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का बनारस से काफी पुराना रिश्ता रहा है। मलदहिया चौराहे पर हुई सभा में कल्याण सिंह ने माफियाओं को ललकारा था। उनके साथ के लोगों के अनुसार वे काफी मिलनसार और कार्यकर्ताओं काफी सम्मान करते थे।

जब विधायक कृष्णानंद राय की हत्या हुई थी। उस समय वे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे। कल्याण सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ जिला मुख्यालय पर आए थे। यहां पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह धरने पर बैठे थे। उन्होंने समझाकर राजनाथ सिंह को पूरे प्रदेश का दौरा करने के लिए बस से रवाना किया था। 

कल्याण सिंह का बनारस आना जाना लगा रहता था। खोजवां निवासी पूर्व सिंचाई मंत्री ओमप्रकाश सिंह से उनके पारिवारिक रिश्ते रहे हैं। वहां पारिवारिक कार्यक्रम में अक्सर आया जाया करते थे। भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने बताया कि बाबूजी की देन है कि आज मैं यहां तक पहुंचा हूं।
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मुख्तार अंसारी और राजा भैया जैसे बाहुबली पर कसा था शिकंजा

उनके कार्यकाल में अपराधियों के अंदर खौफ था। पुलिस को खुली छूट थी अपराधियों को कमर के नीचे तोड़ दो ताकि वे अपराध न कर सके। उनके कार्यकाल में कई इनकाउंटर हुए। अपराधी प्रदेश छोड़कर दूसरे जगहों पर चले गए। बनारस से ही उन्होंने माफियाओं को चुनौती दी थी। विधायक मुख्तार अंसारी और राजा भैया जैसे बाहुबली पर शिकंजा कस गया था।

भाजपा के प्रवक्ता अशोक पांडेय ने कहा कि कल्याण सिंह ने पुलिस से कहा था मानवाधिकार के सवालों से घबराने की जरूरत नहीं है। माफिया है तो उसे गोली मारो। नकल अध्यादेश का काशी में काफी स्वागत किया गया था। शोक जताने वालों में क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्वत, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, मनीष कपूर, नवीन कपूर आदि शामिल रहे। 
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