जब बेटी से पूछा गया तो वह रोने लगी और बताई कि जब वह स्कूल जाती है तो सभी मिलकर उसे परेशान करते हैं। उसके साथ छेड़छाड़ भी करते हैं। कई बार उनके भय से स्कूल भी नहीं जा रही थी। शर्म की वजह से यह बात नहीं बता रही थी। इतना ही नहीं ये लोग यह भी धमकी दे रहे थे कि अगर किसी से बताओगी तो तेजाब छिड़क कर चेहरा खराब कर देंगे।
इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना किया और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोष सिद्ध पाकर चारों दोषियों अजमेरुद्दीन, रुस्तम, सोहराब व वसीम को पांच- पांच वर्ष की कैद एवं 12- 12 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड न देने पर 4- 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।